नई दिल्ली : फिक्की (FICCI) की महिला विंग, लेडीज़ ऑर्गनाइज़ेशन (FLO) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपनी नई रणनीतिक कार्ययोजना और विजन का अनावरण किया है। संगठन की 43वीं राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सुश्री पूजा गर्ग ने पदभार संभाला है। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने ‘अंदरूनी शक्ति। असीम विस्तार’ (Inner Strength, Infinite Scaling) के विजन पर जोर देते हुए महिला उद्यमियों को उनके उद्यमों को बड़े पैमाने पर ले जाने और उद्योगों को मजबूती प्रदान करने का संकल्प लिया।
सुश्री गर्ग ने स्पष्ट किया कि फ्लो का आगामी कार्यकाल केवल गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका लक्ष्य मापने योग्य और परिणामों पर आधारित प्रभाव (Result-oriented impact) उत्पन्न करना है। उन्होंने बताया कि संगठन का ध्यान एआई (AI), डिजिटल साक्षरता, एमएसएमई (MSME), वित्तीय समावेशन और नीतिगत वकालत जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। उन्होंने कहा, “फ्लो महिलाओं को केवल पहुंच ही नहीं, बल्कि अनुभव, प्रेरणा और परिवर्तन प्रदान करने वाला मंच है। हमारा उद्देश्य उन क्षेत्रों में काम करना है जो वास्तव में मायने रखते हैं।”
संगठन ने इस विजन को धरातल पर उतारने के लिए पहले ही ठोस कदम उठा लिए हैं। इसमें वंचित महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवा साझेदारी, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के साथ मिलकर महिला स्टार्टअप्स को सक्षम बनाना और गूगल के साथ सहयोग कर महिलाओं को एआई कौशल से लैस करना शामिल है। साथ ही, रायपुर चैप्टर के शुभारंभ के साथ फ्लो ने अपनी राष्ट्रीय उपस्थिति को और अधिक विस्तृत किया है। सदस्यों के व्यक्तिगत विकास के लिए संगठन ने ‘लिव, लर्न एंड लाफ’ सीरीज़ जैसी इंटरैक्टिव पहल भी शुरू की है, जो आपसी जुड़ाव और रचनात्मकता को बढ़ावा देगी।
उद्घाटन सत्र का मुख्य आकर्षण जानी-मानी पत्रकार पालकी शर्मा के साथ ‘पावर, पर्सपेक्टिव और वो कहानियाँ जो हमें गढ़ती हैं’ विषय पर विशेष चर्चा रही। इसका संचालन रेज़ोन लक्ज़री सिल्वरवेयर की संस्थापक कल्याणी चावला ने किया, जिन्होंने नेतृत्व और वैश्विक कहानियों के प्रभाव पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम में फ्लो की पूर्व अध्यक्षों, गवर्निंग बॉडी के सदस्यों और महिला उद्यमियों के जीवंत समुदाय ने भाग लिया। यह उद्घाटन न केवल संगठन के भविष्य के लक्ष्यों को निर्धारित करने का मंच बना, बल्कि करुणा और स्पष्टता के साथ नेतृत्व करने की प्रेरणा भी दी।
