***भोपाल।* राजधानी भोपाल में व्यावसायिक वाहन चालकों ने एग्रीगेटर कंपनियों की मनमानी और निजी वाहनों के अवैध व्यावसायिक उपयोग को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चालकों का कहना है कि वे पिछले 4 सालों से अपने हक और नियम-कानून की रक्षा के लिए लगातार शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस दौरान शासन, प्रशासन, मुख्य परिवहन अधिकारी और माननीय परिवहन मंत्री द्वारा एग्रीगेटर कंपनियों को बार-बार स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने ऐप से सभी नॉन-कमर्शियल (निजी नंबर) वाहनों को तत्काल प्रभाव से हटाएं।उन्होंने आरोप लगाया कि स्पष्ट आदेशों के बावजूद कंपनियां लगातार नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं और निजी वाहनों से धड़ल्ले से व्यावसायिक संचालन करा रही हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।पदाधिकारियों ने कहा, “हमने प्रशासन के आश्वासन का सम्मान करते हुए अपनी हड़ताल शांतिपूर्वक स्थगित की थी, लेकिन हमारे इस भरोसे का गलत फायदा उठाया गया।”संगठन ने सवाल उठाया है कि जब मोटर व्हीकल एक्ट में नियम साफ हैं तो निजी वाहनों को व्यावसायिक रूप से चलाने की छूट देकर उनके भरोसे की धज्जियां क्यों उड़ाई जा रही हैं?अंत में चेतावनी देते हुए कहा गया कि अब सब्र का बांध टूट चुका है। यदि प्रशासन ने इन मनमानी कर रही एग्रीगेटर कंपनियों पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की और अवैध संचालन बंद नहीं कराया, तो वे फिर से एक बड़े और अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
