रक्षाबंधन पर महंगाई की मार शकर तेल और अन्य सामग्री मे बड़े भावो से त्योहारों में फीका पन
नजीराबाद ग्रामीण अंचल में शक्कर के बढ़ते दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रोजमर्रा की जरूरत में शामिल शक्कर महंगी होने से खासकर किसान परिवारों के घरेलू बजट पर इसका असर पड़ रहा है। महंगाई के बीच शक्कर के दाम बढ़ने से ग्रामीणों में मायूसी का माहौल है किसानों का कहना है कि खेती-किसानी पहले ही लगातार बढ़ती लागत के चलते चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। खाद, बीज, डीजल, सिंचाई और मजदूरी पर होने वाला खर्च किसानों की कमर तोड़ रहा है। ऐसे में घरेलू जरूरत की खाद्य सामग्री के दाम बढ़ने से परिवार का खर्च संभालना मुश्किल हो रहा है।
बाजार में दाम बढ़ने से बढ़ी चिंता
ग्रामीणों के मुताबिक शक्कर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर चाय, मिठाई और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुओं पर भी पड़ सकता है। ग्रामीण उपभोक्ताओं ने प्रशासन से बाजार में शक्कर के भावों की निगरानी करने और अनावश्यक रूप से कीमत बढ़ाने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
महंगाई पर लगाम लगाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिलने के साथ-साथ जरूरी घरेलू वस्तुएं भी उचित कीमत पर उपलब्ध होना जरूरी है। प्रशासन द्वारा बाजार की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और आम लोगों को राहत दिलाने की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच सरकार और प्रशासन को आवश्यक खाद्य सामग्री के दामों पर प्रभावी निगरानी रखनी चाहिए, ताकि किसान और आम परिवार राहत महसूस कर सकें।
