इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल में शनिवार को शरद पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर प्रतिष्ठित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘पूनम-43’ का आयोजन किया गया। संग्रहालय परिसर में झील किनारे स्थित मुक्ताकाश मंच पर आयोजित इस संगीत संध्या का मुख्य आकर्षण ‘संवाद: गुंदेचा बंधु × जॉर्ज ब्रूक्स’ रहा, जिसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्राचीन ध्रुपद परंपरा और पश्चिमी जैज़ संगीत का अनूठा संगम प्रस्तुत किया गया।




कार्यक्रम में पं. उमाकांत गुंदेचा और उनके भतीजे श्री अनंत गुंदेचा ने ध्रुपद गायन की प्रस्तुति दी। वहीं, अमेरिकी सैक्सोफोन वादक एवं संगीतकार जॉर्ज ब्रूक्स ने अपने सैक्सोफोन वादन से इस संगीतमय संवाद को विशिष्ट आयाम प्रदान किया। जॉर्ज ब्रूक्स की संगीत साधना पश्चिमी जैज़ और भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपराओं के समन्वय के लिए जानी जाती है। वे उस्ताद ज़ाकिर हुसैन और पं. हरिप्रसाद चौरसिया जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ भी मंच साझा कर चुके हैं।

प्रस्तुति में पखावज पर पं. अखिलेश गुंदेचा तथा तबले पर श्री रामेंद्र सिंह सोलंकी ने संगत की। संध्या का शुभारंभ ‘राग जन सम्मोहिनी’ से हुआ। ध्रुपद की गंभीरता, स्वर-साधना और लय के विस्तार के साथ जैज़ की सहज एवं स्वतंत्र अभिव्यक्ति ने श्रोताओं को संगीत की विविध परंपराओं से रूबरू कराया।

झील के सुरम्य परिवेश में आयोजित इस संगीतमय संध्या ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी जैज़ के बीच रचनात्मक संवाद की सुंदर मिसाल प्रस्तुत की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संगीत भाषा, भौगोलिक सीमाओं और सांस्कृतिक विविधताओं से परे मानव संवेदनाओं को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।

‘पूनम’ श्रृंखला इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन तथा उन्हें व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाना है। इस श्रृंखला के माध्यम से संग्रहालय संगीत की विविध विधाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान और कलात्मक अभिव्यक्ति को भी प्रोत्साहित कर रहा है
