भोपाल शहर आज विकास नहीं, विनाश के दौर से गुजर रहा है। पूरे शहर में जहाँ देखो वहाँ सड़कें खुदी पड़ी हैं, निर्माण कार्य चल रहा है और निर्माण कंपनियां पूरी मनमानी पर उतर आई हैं।
नियम-कायदे ताक पर रख कर काम किया जा रहा है। ना ग्रीन नेट लगाया गया, ना पानी का छिड़काव किया जा रहा है। नतीजा – पूरे शहर की हर सड़क पर धूल और कंकड़-पत्थर का गुबार उड़ रहा है।
इस धूल और ट्रैफिक जाम से आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। आये दिन सड़कों पर हादसे हो रहे हैं। यह धूल सीधे लोगों के फेफड़ों में जा रही है। बच्चे, नौजवान, बुजुर्ग सब बीमार पड़ रहे हैं। भोपाल में अस्थमा और दमा के मरीजों की तो जान पर बन आई है। भोपाल एक बार पहले ही गैस त्रासदी झेल चुका है, अब ये सरकार भोपाल को धूल त्रासदी की तरफ धकेल रही है।
सबसे शर्मनाक बात है कि निर्माण कंपनियां खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं और सरकार मौन बैठी है। ऐसा लगता है मानो ठेकेदारों को लूट की खुली छूट दे दी गई हो। कमीशनखोरी में सरकार ने जनता के स्वास्थ्य को दांव पर लगा दिया है।
आम आदमी पार्टी की सरकार से 3 मांगें हैं :-
- शहर की सभी टूटी हुई सड़कों का निर्माण कार्य तत्काल और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।
- लापरवाही बरतने वाली निर्माण कंपनियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR दर्ज कर उनकी जवाबदेही तय की जाए और उन पर जुर्माना लगाया जाए।
- जहाँ-जहाँ भी निर्माण कार्य चल रहा है, वहाँ NGT के नियमों के तहत दिन में 3 बार टैंकर से पानी का छिड़काव अनिवार्य किया जाए और ग्रीन नेट लगाया जाए ताकि जनता को इस जानलेवा धूल से बचाया जा सके।
अगर 7 दिन के अंदर सरकार ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाया तो आम आदमी पार्टी सड़क पर उतर कर उग्र आंदोलन करेगी और हर वार्ड में धूल से बीमार लोगों के साथ मिलकर सरकार का घेराव करेगी।
