देवरीकला-:नगर में बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती मनाई गई। भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रबुद्ध जनों और युवाओं के साथ मिलकर भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन, संघर्ष एवं विचारों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने बहुत कम उम्र में देश की आजादी और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझा। उनके विचारों में सामाजिक समानता, स्वतंत्र सोच, शिक्षा, जागरूकता और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की भावना प्रमुख थी। वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह को केवल एक क्रांतिकारी के रूप में याद करने के बजाय उनके विचारों को समझना और उन्हें अपने जीवन में अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने युवाओं से भगत सिंह के विचारों से प्रेरणा लेकर शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, आपसी भाईचारे और समानता के लिए कार्य करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य तभी सार्थक है, जब उनके विचारों और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।
आयोजकों के अनुसार, नगर में प्रबुद्ध जनों और युवाओं के साथ इस तरह भगत सिंह जयंती मनाने का यह पहला अवसर रहा। कार्यक्रम छोटे स्तर पर आयोजित हुआ, लेकिन इसका उद्देश्य भगत सिंह के विचारों और उनके बलिदान को याद करना तथा युवाओं को उनके जीवन से परिचित कराना रहा।
इस अवसर पर नर्मदा प्रसाद वाल्मीकि, जेपी सोनी एडवोकेट, प्रमोद अंबेडकर, रूपेश जाटव, मोहनलाल रैकवार, किशोर कुमार, राशिद पठान, रोहित जाटव सहित कई युवा साथी एवं प्रबुद्ध जन मौजूद रहे।
