भोपाल। शाही कब्रिस्तान में प्रस्तावित मेट्रो रेल लाइन के कार्य को लेकर आज मध्य प्रदेश मिल्ली काउंसिल के अध्यक्ष मुफ़्ती अली कादर साहब एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव मोहम्मद जहीर मिल्ली काउंसिल के सचिव उमर असलम समाजसेवी ओसाफ बबलू ने भोपाल पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर को बताया कि जिस स्थान से मेट्रो की लाइन निकाले जाने की तैयारी की जा रही है, वह कब्रिस्तान एवं धार्मिक महत्व का स्थल है। इस मामले को लेकर न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने तक वहां किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधि या खुदाई नहीं की जानी चाहिए।
विकास कार्य अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी धार्मिक स्थल और कब्रिस्तान की मर्यादा एवं कानूनी अधिकारों की अनदेखी करके विकास कार्य नहीं किया जाना चाहिए। न्यायालय से स्टे है विचार है आदेशों और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करना चाहिए।
उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मांग की कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कब्रिस्तान में किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि न होने दी जाए, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो। कब्रिस्तान केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारे बुजुर्गों की अमानत और समाज की धार्मिक आस्था से जुड़ा स्थल है। इसलिए मेट्रो का वैकल्पिक मार्ग तलाशकर इस धार्मिक स्थल की पवित्रता और मर्यादा को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
मोहम्मद जहीर ने कहा कि हमारा उद्देश्य विकास का विरोध करना नहीं, बल्कि कानून, न्यायिक प्रक्रिया और धार्मिक स्थलों की मर्यादा की रक्षा करना है।
