(कोर्ट के अभिलेख से प्रतिवादीगण के जवाब (W.S.) हटाने, और तृतीय एडीजे न्यायालय से केस फाइल वापस लेकर अन्य सक्षम न्यायालय में अंतरित करने के, जिला न्यायाधीश इंदौर को म. प्र. हाईकोर्ट के निर्देश)
बुरहानपुर दि. 18.04.2026 : – मा. म.प्र. हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने, दि. 15.04.2026 को महू / डॉ अम्बेडकर नगर न्यायालय में लंबित मामले में अभूतपूर्व आदेश जारी किए । बुरहानपुर के पक्षकार की कंपनी “रोज-लाइफ” द्वारा महू (वर्तमान नाम अंबेडकर नगर) के व्यापारी को, अपने बंगला नंबर 91 के विक्रय-पत्र को शून्य घोषित करने हेतु तृतीय एडीजे न्यायालय महू (वर्तमान नाम अंबेडकर नगर) में उक्त वादी की ओर से प्रस्तुत किए गए लंबित प्रकरण में उक्त वादी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने , तृतीय एडीजे न्यायालय के आदेश को मा. हाईकोर्ट में चुनौती दी थी , जिसमे मा. हाईकोर्ट ने उक्त आदेश जारी किए है । इस फैसले में, मा. हाईकोर्ट ने तृतीय एडीजे न्यायालय (डॉ. अम्बेडकर नगर/महू) द्वारा पारित आदेश दि. 30.07.2025 को न केवल निरस्त कर दिया, बल्कि उक्त न्यायालय (तृतीय एडीजे) से प्रकरण फाइल वापस लेकर अन्य सक्षम न्यायालय में अंतरित किए जाने के निर्देश भी, “मा. जिला न्यायाधीश इंदौर” को जारी किए । उक्त जानकारी देते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि मा हाईकोर्ट ने, उन प्रतिवादियों (कुल 5 में से उन 4) के जवाब (W.S.) भी प्रकरण के अभिलेख से हटाने के आदेश जारी किए, जिनके कि जवाब वैधानिक समय निकल जाने के बाद भी अभिलेख पर लेने के आदेश तृतीय एडीजे न्यायालय द्वारा दिए गए थे । विधि के क्षेत्र में मा. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का यह फैसला सिविल लिटिगेशन के मामलों में मील का पत्थर साबित होगा, जो न्यायिक सुधार की दिशा में एक अभूतपूर्व फैसला कहा जाएगा, अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा ।
