महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज (महिंद्रा फाइनेंस) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय परिणामों में बेहद मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी के मुनाफे में साल-दर-साल आधार पर उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। चौथी तिमाही (Q4) में कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) 55% बढ़कर ₹873 करोड़ तक पहुंच गया है, जो कंपनी की बेहतर परिचालन क्षमता और व्यावसायिक विस्तार का संकेत है। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी का स्टैंडअलोन लाभ 19% की वृद्धि के साथ ₹2,782 करोड़ रहा।
इस मजबूत कारोबारी प्रदर्शन और बेहतर लाभप्रदता को देखते हुए कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए लाभांश (डिविडेंड) में भी वृद्धि करने का निर्णय लिया है। महिंद्रा फाइनेंस के बोर्ड ने प्रति शेयर ₹7.50 का अंतिम डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के ₹6.50 प्रति शेयर के लाभांश की तुलना में एक महत्वपूर्ण इजाफा है, जो कंपनी की अपने निवेशकों के प्रति मूल्य निर्माण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कंपनी के एमडी और सीईओ, राउल रेबेलो ने इसे कंपनी के अनुशासित क्रियान्वयन का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि वृद्धि, मार्जिन और जोखिम प्रबंधन के प्रति कंपनी का सख्त रुख लाभप्रदता में बढ़ोतरी का मुख्य कारण रहा है। भविष्य की रणनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने जोर दिया कि मुख्य वाहन वित्त व्यवसाय के साथ-साथ प्रौद्योगिकी और नए विकास क्षेत्रों में निरंतर निवेश, कंपनी की टिकाऊ वृद्धि और भविष्य की सफलता की नींव को और मजबूत करेगा।
