हिंदुस्तान जिंक का ऐतिहासिक प्रदर्शन: चौथी तिमाही में ₹5,033 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा, पूरे वर्ष में दर्ज की शानदार वृद्धि

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उदयपुर: दुनिया की अग्रणी जिंक उत्पादक और चांदी के शीर्ष वैश्विक उत्पादकों में शामिल ‘हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड’ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। कंपनी ने रिकॉर्ड वार्षिक उत्पादन, परिचालन दक्षता और लागत नियंत्रण के दम पर ऐतिहासिक आंकड़े दर्ज किए हैं।

कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे अधिक राजस्व और मुनाफा अर्जित किया है।

  • चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे: कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) सालाना आधार पर 68% बढ़कर ₹5,033 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एबिटडा (EBITDA) 61% की वृद्धि के साथ ₹7,747 करोड़ रहा।
  • पूरे वित्त वर्ष (FY26) के नतीजे: * राजस्व: ₹40,844 करोड़ (सालाना 20% अधिक)
    • एबिटडा: ₹22,162 करोड़ (सालाना 27% अधिक)
    • शुद्ध लाभ (PAT): ₹13,832 करोड़ (सालाना 34% अधिक)
    • एबिटडा मार्जिन: 54% की मजबूत परिचालन लाभप्रदता।

परिचालन क्षमता और उत्पादन कंपनी ने अपनी खनन और स्मेल्टिंग क्षमताओं में निरंतर सुधार किया है।

  • उत्पादन: कंपनी ने 1,114 Kt खनित धातु (Mined Metal) का अब तक का सबसे बड़ा उत्पादन हासिल किया।
  • लागत नियंत्रण: जिंक उत्पादन लागत $959 प्रति टन रही, जो पिछले 5 वर्षों का सबसे निचला स्तर है। यह 9% का सालाना सुधार दर्शाता है, जिससे कंपनी दुनिया के सबसे कम लागत वाले जिंक उत्पादकों में शामिल हो गई है।

हिंदुस्तान जिंक के पोर्टफोलियो में चांदी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। वित्त वर्ष के दौरान कुल 627 टन चांदी का उत्पादन किया गया, जिसने कंपनी की कुल लाभप्रदता में 45% का योगदान दिया। चौथी तिमाही में चांदी का उत्पादन 176 टन रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 11% अधिक है।

कंपनी ने भविष्य की विकास योजनाओं के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। कंपनी के पास अब 468.6 Mnt के अयस्क संसाधन और रिजर्व हैं, जो 25 वर्षों से अधिक की खान आयु (Mine Life) को सुनिश्चित करते हैं। ‘HZL 2.0’ रणनीति के तहत, कंपनी अब जिंक, लेड और सिल्वर के साथ-साथ ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ के क्षेत्र में विस्तार कर रही है, जो भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

हिंदुस्तान जिंक का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान भी उल्लेखनीय रहा है। कंपनी ने सरकारी राजस्व के रूप में लगभग ₹19,000 करोड़ का योगदान दिया, जिसमें से ₹6,000 करोड़ से अधिक का योगदान राजस्थान सरकार को प्राप्त हुआ।

मजबूत नकदी प्रवाह और भविष्य के लिए तैयार रणनीतियों के साथ, हिंदुस्तान जिंक ने खुद को दीर्घकालिक विकास के लिए एक मजबूत स्थिति में स्थापित कर लिया है। रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन और क्रिटिकल मिनरल्स में बढ़ती सक्रियता के साथ कंपनी उद्योग जगत में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को और अधिक सुदृढ़ कर रही है।

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