पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए 28 अक्टूबर को दिल्ली चलें

Spread the love

देश के प्रथम एवं अग्रणी पत्रकार संगठन * (Indian Federation of Working Journalists)” का 28 अक्टूबर 1950 को स्थापना दिवस से लेकर आज तक का सफर संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों से भरे गौरवशाली इतिहास का साक्षी रहा है!*IFWJ ने अपने गठन से ही पत्रकारों के अधिकार, सम्मान, सुरक्षा, स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया है। देश में आज सक्रिय अनेक पत्रकार संगठनों की प्रेरणा और संघर्ष की परंपरा के पीछे भी आईएफडब्ल्यूजे की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
समय-समय पर निजी स्वार्थों और महत्वाकांक्षाओं के कारण संगठन को कमजोर और विभाजित करने के प्रयास अवश्य हुए, लेकिन तमाम चुनौतियों और बाधाओं के बावजूद आईएफडब्ल्यूजे आज भी पत्रकारों की आवाज बनकर मजबूती से संघर्षरत है।
अब निर्णायक संघर्ष का समय है
आज देश के पत्रकार अनेक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। पत्रकारों पर बढ़ते हमले, धमकियां, उत्पीड़न, दबाव और उनके अधिकारों का हनन लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इसीलिए पत्रकार सुरक्षा कानून आज केवल किसी एक संगठन या कुछ चुनिंदा पत्रकारों की मांग नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक पत्रकार की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता से जुड़ी आवश्यकता है।
इसी महत्वपूर्ण मांग को लेकर 28 अक्टूबर, आईएफडब्ल्यूजे के 76वें स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर से हजारों पत्रकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्रित होकर अपनी बुलंद आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे।
देश की 22 प्रदेश इकाइयों से जुड़े पत्रकार साथी इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं।
साथियों, यह केवल प्रदर्शन नहीं—पत्रकार एकता की निर्णायक हुंकार है।
यदि हम आज संगठित होकर अपनी आवाज नहीं उठाएंगे, तो आने वाले समय में पत्रकारों को निरंकुशता, दबाव, उत्पीड़न और अन्याय का सामना और अधिक मजबूती से करना पड़ सकता है।
इसलिए आइए, एक दिन अपने पेशे, अपने अधिकार और अपने स्वाभिमान के नाम करें।
आइए दिल्ली चलें।
आइए जंतर-मंतर चलें।
आइए पत्रकार एकता का परिचय दें।
आइए पत्रकार सुरक्षा कानून की आवाज बुलंद करें।
लंबे अंतराल के बाद देश की राजधानी में हजारों पत्रकार एक मंच पर एकत्रित होने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को हाथ से न जाने दें। देश के कोने-कोने से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचकर इस आंदोलन को मजबूत बनाएं।
आज की एकजुटता ही कल की सुरक्षा की गारंटी बनेगी।
आइए, पत्रकार हितों के इस महायज्ञ में अपनी उपस्थिति रूपी आहुति दें और संकल्प लें कि पत्रकारों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं होता।
28 अक्टूबर — दिल्ली चलें!
जंतर-मंतर पर पत्रकार एकता और सुरक्षा का संकल्प लें!
पत्रकार सुरक्षा कानून — हमारा अधिकार है ✊

admin1

admin1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *