दीपावली की खुशियां किसी परिवार के लिए जीवनभर का दर्द न बन जाएं, इसी उद्देश्य से एम्स भोपाल ने जन-जागरूकता के लिए सलाह दी है कि वे कार्बाइड गन और अन्य देशी विस्फोटक उपकरणों से दूर रहें, क्योंकि इनका उपयोग गंभीर एवं जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
इन उपकरणों के विस्फोट से आंख, चेहरे, हाथ, कान तथा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लग सकती है। इससे व्यक्ति बुरी तरह जल सकता है और कई मामलों में स्थायी विकलांगता भी हो सकती है| एम्स ने सुझाव दिया है कि बच्चों को ऐसे उपकरणों से दूर रखें और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखें। आंख में चोट लगने पर तत्काल नेत्र विशेषज्ञ (आंखों के डॉक्टर) या अस्पताल में चिकित्सा सहायता लें। बेहोशी, अत्यधिक रक्तस्राव, सांस लेने में परेशानी, आंख की गंभीर चोट या शरीर के बड़े हिस्से में जलने की स्थिति में बिना देर किए निकटतम आपातकालीन चिकित्सा केंद्र पहुंचें।
किसी भी विस्फोटक उपकरण को हाथ में लेकर, चेहरे के पास रखकर या बंद स्थान में न चलाएं। खराब या असफल पटाखों को दोबारा चलाने, खोलने अथवा उसके पास जाने का प्रयास न करें। आंख में चोट लगने पर आंख को रगड़ें नहीं। आंख में कोई घरेलू पदार्थ या बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न डालें। जले हुए स्थान पर बर्फ, टूथपेस्ट, तेल या अन्य घरेलू पदार्थ न लगाएं।
