मेरा युवा भारत, मध्यप्रदेश द्वारा राज्य स्तरीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला एवं विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान अधिकारियों ने राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार, कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग तथा विभागीय गतिविधियों की प्रगति पर चर्चा की।
राजभाषा हिंदी के महत्व एवं प्रभावी प्रयोग पर विचार-विमर्श
राज्य स्तरीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला में डॉ. जवाहर कर्नावट, रवींद्रनाथ टैगोर भोपाल के प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केंद्र के सलाहकार, अंतरराष्ट्रीय हिंदी केंद्र के निदेशक एवं श्री अरविंद श्रीधर, निदेशक, माधवराव सप्रे संग्रहालय संस्थान ने सहभागिता की। उन्होंने हिंदी की प्रासंगिकता, जनसामान्य से उसके जुड़ाव तथा सरकारी कार्यालयों में राजभाषा के प्रभावी उपयोग पर अपने विचार साझा किए। अधिकारियों को राजभाषा नियमों का पालन करने और कार्यालयीन पत्राचार एवं दैनिक कार्यों में सरल, सहज हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यशाला के दौरान हिंदी के तकनीकी प्रयोग, यूनिकोड के माध्यम से हिंदी में कार्य करने की सुविधा तथा भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान की भावना पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर अधिकारियों ने राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं कार्यालयीन कार्यों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा
इसके पश्चात मेरा युवा भारत, मध्यप्रदेश के अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य निदेशक श्री मंगल जाखड़ ने की एवं संयोजन श्री सागर वाधवानी ने किया। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित युवा कार्यक्रमों, विभागीय गतिविधियों की प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई।

बैठक में अधिकारियों को कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, आपसी समन्वय बनाए रखने तथा युवाओं की अधिकाधिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इस आयोजन के माध्यम से राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा एवं युवा कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास किए गए।

