मुंबई : देश की अग्रणी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में शामिल टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (Tata AIG General Insurance) ने तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मालिकों से अपनी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसियों की समीक्षा करने की अपील की है। कंपनी ने उपभोक्ता पंजीकरण आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि ईवी का जोखिम प्रोफाइल पारंपरिक आईसीई (ICE) वाहनों से काफी अलग है, जिसके लिए विशेष बीमा कवरेज की आवश्यकता है।
ईवी बाजार के प्रमुख आंकड़े (जनवरी – सितंबर 2026):
- पंजीकरण में रिकॉर्ड वृद्धि: भारत में जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 25.37 लाख ईवी पंजीकृत किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (16.70 लाख) की तुलना में 51.9% अधिक है। यह आंकड़ा 2025 के पूरे वर्ष के पंजीकरण (23.56 लाख) को पार कर चुका है।
- बाजार में हिस्सेदारी: कुल नए वाहन पंजीकरण में ईवी की हिस्सेदारी बढ़कर 10.7% हो गई है (जो बीते वर्ष 8.6% थी)।
- सबसे मजबूत महीना: सितंबर 2026 में रिकॉर्ड 3,37,240 ईवी पंजीकृत हुए, जो सालाना आधार पर 76.1% की वृद्धि दर्शाता है। अनुमान है कि वर्ष 2026 के अंत तक कुल ईवी पंजीकरण 33.8 लाख तक पहुंच सकता है।
ईवी-विशिष्ट जोखिम और बीमा की आवश्यकता: टाटा एआईजी के मोटर अंडरराइटिंग हेड ए किरण कुमार के अनुसार, बैटरी वाहन का सबसे मूल्यवान और संवेदनशील हिस्सा है। इसके अलावा चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक सर्ज और विशिष्ट मरम्मत जैसी जरूरतें नए जोखिम पैदा करती हैं।
कंपनी ने ईवी मालिकों को सलाह दी है कि वे अपनी बीमा पॉलिसियों में बैटरी सुरक्षा, वॉल चार्जर प्रोटेक्शन, इलेक्ट्रिक सर्ज सिक्योर कवर और बैटरी कन्वीनियंस कवर जैसे ऐड-ऑन (Add-on) को शामिल करें। साथ ही, कमर्शियल ईवी और थ्री-व्हीलर फ्लीट (Fleet) चलाने वाली व्यापारिक कंपनियों को भी व्यवसाय के निर्बाध संचालन के लिए व्यापक कवरेज चुनने पर जोर दिया गया है।
