आईआईटी इंदौर में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती स्वच्छता अभियान के साथ मनाई गई

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर (आईआईटी इंदौर) में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं सामुदायिक सहभागिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के स्पेशल मॉनिटर प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मेजबानी आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने की। समारोह का शुभारंभ संस्थान के ग्रामीण विकास एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (सीआरडीटी) द्वारा आयोजित प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुआ। इस अवसर पर सीआरडीटी के प्रभारी प्राध्यापक प्रोफेसर संदीप चौधरी ने कार्यक्रम का परिचय देते हुए केंद्र की विभिन्न गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।

समारोह का प्रमुख आकर्षण ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अंतर्गत आयोजित पौधरोपण अभियान रहा। प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति आईआईटी इंदौर की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता की शपथ ली तथा स्वच्छता बनाए रखने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अभियान के अंतर्गत स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पुरस्कार विजेताओं को प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी द्वारा सम्मानित किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने गांधीवादी दर्शन की प्रासंगिकता पर बल देते हुए कहा कि स्वराज के वास्तविक स्वरूप को वही व्यक्ति समझ सकता है, जिसकी सोच सार्वभौमिक हो। उन्होंने व्यक्तिगत विकास एवं सामाजिक प्रगति के लिए आत्मसम्मान के महत्व को भी रेखांकित किया।
वहीं, प्रोफेसर सुहास जोशी ने स्वच्छता ही सेवा 2026 के अंतर्गत स्वच्छता के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। दैनिक जीवन में स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता ईश्वरत्व के निकट है। उन्होंने सभी से स्वच्छता को व्यक्तिगत जिम्मेदारी एवं सामूहिक प्रतिबद्धता के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

इस दौरान, प्रोफेसर कन्हैया त्रिपाठी ने आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी, अधिष्ठाताओं, विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक में भी भाग लिया। इस बैठक में संस्थान से जुड़े प्रमुख विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श एवं संवाद हुआ।

यह आयोजन महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के शाश्वत मूल्यों का प्रतिबिंब रहा तथा इसने आईआईटी इंदौर समुदाय को स्वच्छ, हरित एवं अधिक जिम्मेदार समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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