कल देश में 28 MLC सीटों के चुनाव में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला..और जब चुनाव बैलेट पेपर से भी हों, तो EVM को दोष देने वाला तर्क आखिर कितनी दूर तक चलेगा?
इधर समाजवादी पार्टी, अपनी सीमाओं के बावजूद, मैदान में उतरती है, लड़ती है और सीटें भी निकालती है। तो सवाल ये है कि जब दूसरे विपक्षी दल मुकाबला कर सकते हैं, तो कांग्रेस मैदान में टिक क्यों नहीं पा रही?
जनता आपको लगातार नकार रही है, तो सही रास्ता अपनी रणनीति पर आत्ममंथन करना है, न कि हर चुनाव के बाद पूरे सिस्टम पर सवाल उठाना..
वोट चोरी का शोर मचाने से पहले जनता का भरोसा जीतने की कोशिश करनी पड़ती है..
चुनाव सिर्फ़ ये नहीं बताते कि कौन जीता वो ये भी बताते हैं कि किसे जनता के बीच अपनी जगह दोबारा बनानी है।
