- 85 वर्षीय शिकायतकर्ता शरीफ मोहम्मद के घर के सामने बीच रोड में किए गए “श्रीमती फरजाना खानम के तथाकथित तीन मंजिला अवैध निर्माण” को तोड़ने / ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के मामले में बुरहानपुर विचारण न्यायालय के आदेश के विरुद्ध, श्रीमती फरजाना खानम द्वारा प्रस्तुत की गई याचिका को मा. उच्च न्यायालय ने हाल ही में पारित आदेश दि. 25.08.2026 द्वारा निरस्त कर दिया । शिकायतकर्तागण शरीफ मोहम्मद और उनके बेटे (वकील) की ओर से मा. हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि, मा. हाईकोर्ट ने, मा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सरकार द्वारा जारी स्थायी आदेश “जिसमें कहा गया है कि, सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण ना हो, इसकी जिम्मेदारी कलेक्टर और आयुक्त नगरनिगम की होगी” का हवाला देते हुए उक्त निर्माणकर्ता श्रीमती फरजाना खानम की याचिका को निरस्त कर दिया । अधिवक्ता श्री अग्रवाल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में न्यायालय से लगी रोक हट चुकी है ।
श्री अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2019 में भी अवैध निर्माण की वजह से हुए नुकसान के कारण कलेक्टर और नगर निगम बुरहानपुर को 45 लाख रुपए से अधिक हर्जाना भुगतना पड़ा था, और हाल ही में इसी प्रकार अवैध बोरिंग से हुए नुकसान से इंदौर नगर निगम और कलेक्टर को 50 लाख रुपए से अधिक का आंशिक हर्जाना भुगतना पड़ा है ।
बीच रोड मे 3 मंजिला अवैध निर्माण, ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को रोकने हेतु, फरजाना खानम की याचिका हाइकोर्ट ने निरस्त की
