मा. वरि. नाग. अपीलीय अधिकरण (कलेक्टर) बुरहानपुर विधवा माँ द्वारा बेटे के पक्ष में लिखे गए पंजीकृत दानपत्रों को शून्य घोषित किया

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[82 वर्षीय विधवा माँ (कलावती देवी) को बेटे (सुनील) से वापस मिली करोड़ों रुपए मूल्य की जमीन और मकानी संपत्ति, —– वरि. नाग. अधिकरण (एस. डी. ओ. — पी. अ. श्री अजमेर सिंह गौड़) का फैसला दि . 22.06.2026 निरस्त]

बुरहानपुर दि. 03.09.2026 :– वरिष्ठ नागरिक अपीलीय अधिकरण (कलेक्टर) बुरहानपुर ने हाल ही में पारित अभूतपूर्व फैसले/आदेश दि . 31.08.2026 से , विधवा माता द्वारा बेटे के पक्ष में लिख दिए गए मकान और जमीन के दोनों दान-पत्रों को शून्य घोषित करते हुए तथा दोनों संपत्तियों को पुनः विधवा माँ (कलावती देवी) के नाम अंतरण का आदेश करते हुए, वरिष्ठ नागरिक अधिकरण (एस. डी. ओ.) के आदेश दि. 22.06.2026 को निरस्त कर दिया । अपीलार्थी (श्रीमती कलावती देवी) की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि, उक्त अपीलार्थी /विधवा माँ (कलावती देवी) की ब्याहता बेटी (श्रीमती ममता साहू) और नाती / नातिनों के होते हुए, इंदौर निवासी बेटे (सुनील) ने, बुरहानपुर निवासी परित्यक्त/ विधवा मां (कलावती देवी) से उनके बुढ़ापे में चोटग्रस्त होने के बाद बुरहानपुर आकर, परित्यक्त/विधवा मां (कलावती देवी) की मालिकी की मकान और जमीन के 2 अलग अलग दान-पत्र स्वयं (सुनील साहू) के नाम पंजीकृत करवा लिए तथा मां कलावती देवी ने भी निष्पादित कर दिए। किंतु उपरोक्त अनुसार संपत्ति बेटे के नाम कर देने के बाद, ऐसी स्थिति बनी कि , विधवा मां (कलावती देवी) का बेटे (सुनील) के प्रति प्यार/मोह समाप्त/भंग हो गया, तब विधवा माँ (कलावती देवी) ने इंदौर निवासी बेटे (सुनील साहू) के नाम पंजीकृत दानपत्रों के माध्यम से दान /अंतरित कर दी अपनी बुरहानपुर स्थित उक्त मकानी और जमीनी संपत्ति वापस लेने के लिए (उक्त दोनों दान-पत्रों को शून्य घोषित करने के लिए) पहले वरिष्ठ नागरिक अधिकरण (अनुविभागीय अधिकारी — पी. अ. श्री अजमेर सिंह गौड) के समक्ष “वरिष्ठ नागरिक अधिनियम 2007″ में केस लगाया, किंतु वहां से केस गैरकानूनी रूप से निरस्त हो गया, तो विधवा माँ (श्रीमती कलावती साहू) ने अपने अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल के माध्यम से ” वरिष्ठ नागरिक अपीलिय अधिकरण (कलेक्टर) बुरहानपुर” के समक्ष अपील प्रस्तुत की, जो दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात “मा. अपीलीय अधिकरण (कलेक्टर) बुरहानपुर” ने अभूतपूर्व आदेश दि 31.08.2026 पारित करते हुए एवं विधवा माँ (श्रीमती कलावती देवी) की अपील को स्वीकार करते हुए उक्त दोनों पंजीकृत दान-पत्रों को शून्य घोषित कर दिया, तथा वरि. नाग. अधिकरण (अनुविभागीय अधिकारी — पी.अ. श्री अजमेर सिंह गौड़) द्वारा पारित आदेश दि. 22.06.2026 को निरस्त कर दिया, साथ ही साथ राजस्व अभिलेख में बेटे (सुनील साहू) के नाम उक्त संपत्ति के इन्द्राज के आदेश को भी निरस्त कर दिया, जिससे अब उक्त संपत्तियाँ पुनः मां (कलावती देवी) के नाम दर्ज हो जानी है । अपील में पारित आदेश से विधवा माँ (श्रीमती कलावती साहू) अब खुश हैं ।
अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल से उक्त मा . अपीलीय अधिकरण (कलेक्टर) बुरहानपुर द्वारा पारित आदेश दि .31.08.2026 के संबंध में यह पूछे जाने पर कि वे इस आदेश को कैसे देखते हैं , तो उन्होंने कहा कि, बेटे बेटियों और आश्रित परिजन की अब यह नैतिक के साथ-साथ कानूनी जिम्मेदारी भी है कि वे अपने माता-पिता को उनके अंत समय तक मान सम्मान और स्नेह के साथ उनकी आवश्यक देखभाल करेंगे, अन्यथा वे उन्हें दी गई अपनी संपत्ति कभी भी उनसे वापस ले सकते हैं। अधिवक्ता श्री मनोज अग्रवाल ने यह भी कहा कि मा. वरि. नाग. अपीलीय अधिकरण (कलेक्टर) बुरहानपुर का यह आदेश दि . 31.08.2026 विधिक क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा ।

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