वेदांता एल्युमिनियम भारत के विशालतम पावर ग्रिड विस्तार की मांग को पूरा करने के लिए तैयार

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नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े ग्रिड बिल्डआउट और नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन पहलों को गति देने के लिए वेदांता एल्युमिनियम (Vedanta Aluminium) ने भारत के विद्युत संचरण (Power Transmission) क्षेत्र में एल्युमिनियम की बढ़ती मांग को पूरा करने की अपनी पूर्ण तैयारी व्यक्त की है। कंपनी अपनी विशाल डाउनस्ट्रीम क्षमता और विशेष एल्युमिनियम ग्रेड्स के जरिए देश के भविष्य-उन्मुख पावर नेटवर्क को मजबूती प्रदान कर रही है।

पावर सेक्टर और ट्रांसमिशन नेटवर्क का परिदृश्य (निवेश एवं लक्ष्य)

  • राष्ट्रीय विद्युत योजना (2023-2032): आईसीआरए (ICRA) के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 से 2032 के बीच संचरण क्षेत्र में ₹5-6 ट्रिलियन के निवेश की संभावना है, जो कुल ₹9.15 लाख करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय विद्युत योजना का हिस्सा है।
  • ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार: मार्च 2030 तक ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई 6,27,000 सर्किट किलोमीटर और सबस्टेशन क्षमता 2,171 GVA तक पहुंचने की उम्मीद है (वार्षिक वृद्धि ~100 GVA)।
  • गैर-जीवाश्म ईधन लक्ष्य: केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने वित्त वर्ष 2036 तक 900 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता का लक्ष्य रखा है।
  • खपत में वृद्धि: खान मंत्रालय के एल्युमिनियम विज़न डॉक्यूमेंट के अनुसार, विद्युत क्षेत्र में एल्युमिनियम की खपत वित्त वर्ष 2024 के 2.4 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2030 तक 4 मिलियन टन और वित्त वर्ष 2047 तक 12.9 मिलियन टन पहुंचने का अनुमान है।

वेदांता एल्युमिनियम का डाउनस्ट्रीम पोर्टफोलियो एवं विशेष ग्रेड्स

लगभग 2.4 मिलियन टन स्थापित क्षमता के साथ वेदांता एल्युमिनियम भारत के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। कंपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए विशेष एप्लीकेशन-विशिष्ट ग्रेड्स की आपूर्ति कर रही है:

एल्युमिनियम ग्रेडविशेषताएँ एवं उपयोग (Application)
6201 Alloyनदी पार करने और पहाड़ी/मुश्किल इलाकों के लिए; अधिक मजबूती और कम ढलान (sag) प्रदान करता है।
AL59 Gradeतटीय (Coastal) और इंडस्ट्रियल क्षेत्रों के लिए उच्च जंग-रोधी (Corrosion-resistant) सुरक्षा।
1350 & 1370 Gradesस्टैंडर्ड कंडक्टर, ट्रांसफॉर्मर वाइंडिंग और सबस्टेशन बसबार के लिए उच्च विद्युत चालकता (High Conductivity)।

उद्योग आवश्यकता और वेदांता की रणनीति

“भारत में ग्रिड विस्तार के अगले चरण में ऐसे मटीरियल की ज़रूरत होगी जो विभिन्न और कठिन ऑपरेटिंग कंडीशन में भरोसेमंद काम कर सकें। इलेक्ट्रिकल-ग्रेड वायर रॉड उस इकोसिस्टम का बेहद ज़रूरी हिस्सा हैं। हमारा फोकस इस डाउनस्ट्रीम क्षमता को मजबूत करने पर है ताकि एल्युमिनियम भारत के ऊर्जा रूपांतरण की मांग को पूरे पैमाने और भरोसे के साथ सपोर्ट कर सके।”

— प्रवक्ता, वेदांता एल्युमिनियम

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