सीहोर: वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों, फैकल्टी और कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और समग्र कल्याण (वेलनेस) को अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने देश के अग्रणी स्वास्थ्य एवं वेलनेस ब्रांड ‘डॉ. मोरपेन’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी के तहत कैंपस में रहने वाले छात्रों, विशेषकर घर से दूर रहने वाले विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय और चौबीसों घंटे चिकित्सकीय सुविधाएँ मिल सकेंगी।
यह समझौता 28 मई 2026 को वीआईटी वेल्लोर परिसर में औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर वीआईटी के संस्थापक एवं कुलाधिपति डॉ. जी. विश्वनाथन और वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. शंकर विश्वनाथन उपस्थित रहे। वहीं, डॉ. मोरपेन समूह का प्रतिनिधित्व मोरपेन लेबोरेट्रीज़ लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट श्री अमृत रवि ने किया, जो स्वयं वीआईटी वेल्लोर के 2010 बैच के पूर्व छात्र (Alumni) हैं।
कैंपस में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएँ
इस व्यापक समझौते के तहत डॉ. मोरपेन समूह वीआईटी भोपाल के कैंपस में स्थित स्वास्थ्य केंद्र (Health Center) का संचालन संभालेगा, जहाँ निम्नलिखित सुविधाएँ मिलेंगी:
- 24/7 क्लिनिकल व आपातकालीन सेवाएँ: योग्य चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा चौबीसों घंटे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ।
- ऑन-कैंपस पैथोलॉजी लैब: त्वरित और सटीक जाँच रिपोर्ट के लिए आधुनिक डायग्नोस्टिक एवं परीक्षण सुविधाएँ।
- कैंपस फार्मेसी स्टोर: जरूरी दवाओं और स्वास्थ्य उत्पादों की चौबीसों घंटे आसान उपलब्धता।
- सक्रिय वेलनेस पहल: नियमित स्वास्थ्य शिविर (Health Camps), विशेष स्वास्थ्य परीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम।
संस्थान की सोच: स्वास्थ्य ही सुरक्षा है
साझेदारी के महत्व पर बात करते हुए वीआईटी भोपाल के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. शंकर विश्वनाथन ने कहा:
“वीआईटी भोपाल में छात्र कल्याण केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी निरंतर संस्थागत जिम्मेदारी है। हमारा ध्यान हमेशा एक ऐसे सुरक्षित कैंपस के निर्माण पर रहा है, जहाँ स्वच्छता और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएँ सुलभ हों। डॉ. मोरपेन के साथ यह सहयोग इसी सोच को मजबूत करता है।”
वहीं, डॉ. मोरपेन होम की सह-संस्थापक सुश्री आँचल सूरी ने कहा कि उनका उद्देश्य घर से दूर रह रहे छात्रों के लिए एक आधुनिक और छात्र-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा तंत्र विकसित करना है, जो देश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी स्वास्थ्य अवसंरचना का एक नया मानक स्थापित करेगा।
