कारागार प्रशासन में वर्दीधारी महिलाओं पर 5वाँ राष्ट्रीय सम्मेलन

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आज पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) द्वारा BPR&D-CAPT, भोपाल में प्रारंभ हुआ। 8–9 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश के 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की महिला कारागार अधिकारियों के साथ वरिष्ठ कारागार प्रशासक, शिक्षाविद तथा विषय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।उद्घाटन सत्र में बंडी संजय कुमार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। BPR&D के महानिदेशक ने मुख्य अतिथि और प्रतिनिधियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने “भारत में कारागार अधिकारियों की निर्देशिका 2026” का विमोचन किया।उद्घाटन संबोधन में बंडी संजय कुमार ने महिला अधिकारियों की नेतृत्व क्षमता, विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने तथा लैंगिक-संवेदनशील, मानवीय एवं पुनर्वास-केंद्रित कारागार व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने सुरक्षित, आधुनिक और प्रभावी कारागार प्रशासन के लिए नवाचार, मानसिक स्वास्थ्य, विशेषज्ञ संस्थानों के साथ सहयोग तथा राज्यों की सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान का आह्वान किया।आलोक मित्तल, IPS, महानिदेशक, BPR&D ने क्षमता निर्माण, महिला नेतृत्व और लैंगिक-संवेदनशील सुधारात्मक प्रशासन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने ई-कोर्ट, ई-प्रिजन और कारागारों के डिजिटलीकरण, निर्धन बंदियों की सहायता संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, खुली सुधारात्मक संस्थाओं को सुदृढ़ करने तथा कारागारों में भीड़ कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास के साथ-साथ पुनरावृत्त अपराधों में कमी लाने तथा सुरक्षित, आधुनिक, मानवीय एवं पुनर्वासोन्मुखी कारागार व्यवस्था के निर्माण में महिला अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।सम्मेलन के प्रथम दिन आज सुधारात्मक सेवाओं में महिलाओं की बदलती भूमिका पर तीन सत्र आयोजित किए गए जिनमें सुधारात्मक नेतृत्व में महिलाएँ: भागीदारी से नीतिगत प्रभाव तकइस सत्र में महिला नेतृत्व, समान कैरियर अवसर तथा नीति-निर्माण और निर्णय-प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई। वहीं कारागार प्रशासन में भविष्य के लिए तैयार महिला कार्यबल हेतु प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माणइस सत्र में विशेषज्ञ प्रशिक्षण, पेशेवर दक्षता, डिजिटल क्षमता, नेतृत्व विकास और निरंतर सीखने पर जोर दिया गया।तीसरे एवं अंतिम सत्र में वर्दी के पीछे महिलाएँ: कार्यस्थल तनाव, मानसिक स्वास्थ्य एवं कार्यस्थल में लचीलापनइस सत्र में मनोवैज्ञानिक सहयोग, कार्य-जीवन संतुलन, सहकर्मी सहयोग, संस्थागत कल्याण और लैंगिक-संवेदनशील नीतियों पर विचार-विमर्श किया गया।निदेशक, BPR&D-CAPT, भोपाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस सम्मेलन के माध्यम से BPR&D का उद्देश्य कारागार सेवाओं में महिलाओं के नेतृत्व, पेशेवर क्षमता, कल्याण और संस्थागत भूमिका को सुदृढ़ करना तथा सर्वोत्तम प्रथाओं को नीतियों और कारागार सुधारों में समाहित करना है। इससे सुरक्षित, आधुनिक, मानवीय एवं पुनर्वास-केंद्रित सुधारात्मक व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

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