मुंबई: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड पर तीन साल का प्रतिबंध लगाए जाने से पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड (NSE: PNCINFRA) के शेयरों में 20% का इंट्राडे लो देखा गया। इस प्रतिबंध के तहत कंपनी अगले तीन वर्षों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और NHAI के नए प्रोजेक्ट्स के लिए बोली नहीं लगा पाएगी। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे उसके मौजूदा प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन (Order Execution) पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह इस आदेश के खिलाफ कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
ऑर्डर बुक और विविधीकरण (Diversification) का ब्योरा
कंपनी की कुल ऑर्डर बुक में NHAI प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी लगभग 30% है। 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹15,670 करोड़ (27 प्रोजेक्ट्स) थी, जिसमें गैर-सड़क क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान है:
| सेक्टर (Sector) | ऑर्डर वैल्यू (₹ करोड़ में) |
| रोड्स – EPC | 5,148 |
| रोड्स – HAM | 3,684 |
| माइनिंग (SECL) | 2,847 |
| वाटर (जल जीवन मिशन) | 2,310 |
| कैनाल (सिंचाई) | 732 |
| एयरपोर्ट (AAI) | 551 |
| रेलवे | 397 |
गैर-NHAI और नए प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो
- माइनिंग व रिन्यूएबल ऊर्जा: कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स (SECL) के ₹2,957 करोड़ के 5-वर्षीय कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रही है। इसके अलावा, NHPC से मिले 300 MW सोलर प्रोजेक्ट और 150 MW/600 MWh BESS स्टोरेज से FY27 से रेवेन्यू मिलना शुरू होगा।
- विविध ग्राहक आधार: सड़क क्षेत्र में भी कंपनी MSRDC, BSRDC, राज्य PWD, AAI और सिंचाई विभागों के प्रोजेक्ट्स संभाल रही है।
- FY27 में प्राप्त नए प्रोजेक्ट्स: चालू वित्त वर्ष में कंपनी को ₹4,259 करोड़ के 5 नए प्रोजेक्ट्स मिले हैं, जिनमें बाराबंकी-मुस्तफाबाद (₹1,728 करोड़), मुस्तफाबाद-बिस्वरिया (₹1,755 करोड़), पंतनगर एयरपोर्ट (₹302 करोड़), लखनऊ विकास प्राधिकरण (₹194 करोड़) और गंगा रिवर ब्रिज JV (₹559 करोड़) शामिल हैं।
Q1 FY27 वित्तीय प्रदर्शन और बैलेंस शीट
- स्टैंडअलोन रेवेन्यू: ₹1,518 करोड़ (YoY 34% वृद्धि)
- EBITDA: ₹375 करोड़ (YoY 167% वृद्धि, मार्जिन: 24.7%)
- PAT (शुद्ध लाभ): ₹271 करोड़ (YoY 235% वृद्धि)
- क्रेडिट रेटिंग व डेट: जून 2026 तक स्टैंडअलोन डेट-टू-इक्विटी अनुपात 0.15x पर बना हुआ है। रेटिंग एजेंसी CARE ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म रेटिंग AA+ (Stable) और शॉर्ट-टर्म रेटिंग A1+ को बरकरार रखा है।
