हेल्थएक्सचेंज 2026: जयपुर में जुटा हेल्थकेयर दिग्गजों और स्टार्टअप्स का संगम; AI और समावेशी नवाचार से बदलेगी देश की स्वास्थ्य सेवा

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जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर में आईआईएचएमआर (IIHMR) यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित ‘हेल्थएक्सचेंज 2026’ स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार, नीतिगत संवाद और भविष्य की रणनीतियों का एक वैश्विक केंद्र बनकर उभरा। इस आयोजन ने 30 से अधिक स्टार्टअप्स और 50 से ज्यादा प्रमुख स्टेकहोल्डर्स—जिनमें अस्पताल प्रमोटर्स, सरकारी अधिकारी, कॉर्पोरेट लीडर्स और सीएसआर विशेषज्ञ शामिल थे—को एक साझा मंच पर लाकर भारत के स्वास्थ्य इकोसिस्टम को नई मजबूती प्रदान की।


नवाचार और वास्तविक चुनौतियों का मेल

कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. पी. आर. सोडानी के संबोधन से हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है, बल्कि वास्तविक स्वास्थ्य चुनौतियों (Real-world challenges) के अनुरूप टिकाऊ और प्रभावी समाधान विकसित करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।


प्रमुख सत्र और विशेषज्ञों का मंथन

1. राजस्थान का हेल्थकेयर परिदृश्य और अवसर

प्रथम सत्र में राजस्थान में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और एकीकृत केयर मॉडल (Integrated Care Model) पर चर्चा हुई।

  • वक्ता: डॉ. अमित यादव (MD, NHM राजस्थान), डॉ. मोना दुग्गल (ICMR) और डॉ. डी.के. शर्मा (AIIMS दिल्ली)।
  • निष्कर्ष: सिस्टम की खामियों को दूर करने के लिए पहुंच (Accessibility) और गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया गया।

2. एआई (AI) और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाएं

दूसरे सत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर मंथन हुआ।

  • वक्ता: डॉ. अतुल तिवारी (राजस्थान सरकार), श्री ललित सिंगला (स्टियरएक्स) और श्री अनुभव सुखवानी (किम्स हॉस्पिटल)।
  • निष्कर्ष: एआई न केवल डायग्नोस्टिक्स में क्रांति ला रहा है, बल्कि यह मरीजों की देखभाल और अस्पताल की कार्यकुशलता को भी कई गुना बढ़ा रहा है।

3. हेल्थ इनोवेशन में CSR का महत्व

भोजन के बाद का सत्र स्वास्थ्य क्षेत्र में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के प्रभावी उपयोग पर केंद्रित था।

  • वक्ता: सिप्ला फाउंडेशन, यूनिसेफ, रिसा आईवीएफ और अंबुजा फाउंडेशन के प्रतिनिधि।
  • निष्कर्ष: विशेषज्ञों ने संरचित पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) और परिणाम आधारित दृष्टिकोण (Outcome-based approach) की आवश्यकता को रेखांकित किया।

स्टार्टअप शोकेस और नेटवर्किंग

कार्यक्रम का समापन एक भव्य स्टार्टअप शोकेस और स्पीड नेटवर्किंग के साथ हुआ। यहाँ युवा इनोवेटर्स को सीधे निवेशकों और नीति निर्माताओं से संवाद करने का मौका मिला। हेल्थएक्सचेंज 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि भविष्य का हेल्थकेयर सिस्टम केवल ‘बीमारी के इलाज’ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीक, सहयोग और समावेशिता के माध्यम से यह अधिक व्यापक और प्रभावशाली बनेगा।

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