नई दिल्ली: देश की प्रमुख अपस्ट्रीम ऑयल एंड गैस कंपनी, वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (NSE: VOGL, BSE: 544782) ने पुराने होते फील्ड्स से उत्पादन में गिरावट के बावजूद पिछले वित्तीय वर्ष (31 मार्च 2026 को समाप्त) में अपनी ऑपरेटिंग लागत को सफलतापूर्वक स्थिर बनाए रखा है। कठोर परिचालन अनुशासन के साथ-साथ डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल से कंपनी यह उपलब्धि हासिल करने में सफल रही है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजस्थान में कंपनी की ऑपरेटिंग लागत घटकर $16.4 प्रति बैरल हो गई, जो इससे पिछले वर्ष $16.6 प्रति बैरल थी। वहीं, पूरे ऑयल एंड गैस बिज़नेस की ऑपरेटिंग लागत $15.5 प्रति बैरल ऑयल इक्विवेलेंट दर्ज की गई। इस अवधि में प्राकृतिक कारणों से ग्रॉस ऑपरेटिंग प्रोडक्शन 16 प्रतिशत घटकर 103.2 हजार बैरल प्रतिदिन से 87.2 हजार बैरल प्रतिदिन रह गया। सामान्यतः उत्पादन घटने पर प्रति बैरल निश्चित लागत बढ़ जाती है, लेकिन कंपनी ने ऑप्टिमाइज़्ड पॉलीमर इंजेक्शन, लागत प्रभावी केमिकल प्रबंधन और एआई-आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस के ज़रिए लागत को नियंत्रित रखा।
कंपनी अपने संचालन में डिजिटल ट्विन्स, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, एडवांस्ड प्रोसेस कंट्रोल और जेनरेटिव एआई प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है। ये टूल्स ज़मीन के नीचे लगे पंपों और उपकरणों के प्रदर्शन की रियल-टाइम निगरानी करते हैं, जिससे खराबी का पहले ही अनुमान लग जाता है। इसके अलावा, क्लाउड-बेस्ड सिस्मिक इमेजिंग टूल के ज़रिए डेटा प्रोसेसिंग में 20 से 30 गुना तेजी आई है, जिससे नए कुओं की सटीक योजना बनाने में मदद मिलती है।
उत्पादन में प्राकृतिक गिरावट की गति को धीमा करने के लिए कंपनी ने राजस्थान के मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या और बाड़मेर क्षेत्रों में 21 इनफ़िल कुओं की ड्रिलिंग की है। साथ ही, कैम्बे और बाड़मेर ब्लॉक में 9 नए एक्सप्लोरेशन कुओं की ड्रिलिंग भी पूरी की गई है, जिससे भविष्य में नए भंडार खोजने और दीर्घकालिक परिचालन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
