उदयपुर : वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही और पूरे वर्ष के लिए परिचालन के मोर्चे पर शानदार परिणाम घोषित किए हैं। कंपनी ने खनन और परिष्कृत धातु उत्पादन में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी का खनन धातु उत्पादन 315 किलो टन रहा, जो अधिक अयस्क उत्पादन और बेहतर ग्रेड्स के चलते संभव हुआ है।
इसी अवधि में परिष्कृत धातु उत्पादन भी 282 किलो टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। यह उपलब्धि चंदेरिया और दरिबा संयंत्रों में डिबॉटलनेकिंग परियोजनाओं, बेहतर परिचालन दक्षता और उच्च प्लांट उपलब्धता का परिणाम है। चांदी के उत्पादन में भी मजबूती देखी गई और यह चौथी तिमाही में 176 मीट्रिक टन दर्ज किया गया, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के क्षेत्र में भी सक्रियता दिखाते हुए 56 मिलियन यूनिट पवन ऊर्जा का उत्पादन किया।
पूरे वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों पर नज़र डालें तो हिंदुस्तान जिंक का कुल खनन धातु उत्पादन 1,114 किलो टन के अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। परिष्कृत जिंक उत्पादन में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह 851 किलो टन रहा। हालाँकि, परिष्कृत लेड उत्पादन (197 किलो टन) और वार्षिक चांदी उत्पादन (627 मीट्रिक टन) में पिछले वर्ष की तुलना में कुछ कमी दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण पाइरो ऑपरेशन्स के मोड में बदलाव और खदानों से कम चांदी इनपुट मिलना रहा।
कंपनी का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन मजबूत परिचालन क्षमता, तकनीकी सुधार और निरंतर क्षमता विस्तार के प्रयासों को दर्शाता है। पवन ऊर्जा उत्पादन में भी सालाना 7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 372 मिलियन यूनिट का स्तर हासिल किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदुस्तान जिंक की यह विकास दर आने वाले समय में वैश्विक धातु बाजार में उसकी स्थिति को और अधिक सशक्त बनाएगी और भविष्य के लिए विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।
