- महाराष्ट्र में टाटा पावर के मुलशी जलाशय में ~300 kWp की फ्लोटिंग सोलर पायलट परियोजना की जाएगी शुरुआत
भारत की सबसे बड़ी एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक, टाटा पावर ने नॉर्वे की नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी कंपनी ओशन सन (Ocean Sun) के साथ साझेदारी की है, ताकि उसकी अभिनव मेम्ब्रेन-आधारित (membrane-based) फ्लोटिंग सोलर तकनीक को भारत लाया जा सके। प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा में भारत-नॉर्वे तथा भारत-EFTA साझेदारी को मजबूत करते हुए, द्वितीय भारत-EFTA समृद्धि शिखर सम्मेलन (India–EFTA Prosperity Summit) के इतर इस सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
इस साझेदारी के तहत टाटा पावर और ओशन सन महाराष्ट्र में टाटा पावर के मुलशी (Mulshi) जलाशय में ~300 kWp की फ्लोटिंग सोलर पायलट परियोजना शुरू करेंगे। यह पायलट परियोजना भारतीय परिस्थितियों के तहत प्रदर्शन, विश्वसनीयता, लागत प्रतिस्पर्धात्मकता और स्केलेबिलिटी के लिए ओशन सन की पेटेंट मेम्ब्रेन-आधारित तकनीक का मूल्यांकन करेगी, जबकि भविष्य के संभावित विस्तार के लिए व्यावहारिक परिचालन अंतर्दृष्टि प्रदान करेगी।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE) के अनुमानों के अनुसार, भारत में 102 GWp से अधिक की फ्लोटिंग सोलर क्षमता है। पारंपरिक फ्लोटिंग सोलर सिस्टम के विपरीत, जो आमतौर पर परस्पर जुड़े पोंटून स्ट्रक्चर का उपयोग करते हैं, ओशन सन की तकनीक सोलर पीवी (PV) मॉड्यूल को एक पतली, हाइड्रो-इलास्टिक मेम्ब्रेन पर तैनात करती है जो सीधे पानी की सतह पर तैरती है। पानी की निकटता से कूलिंग प्रभाव मिलता है, जिससे बिजली उत्पादन प्रदर्शन में सुधार हो सकता है।
इस पहल पर टिप्पणी करते हुए टाटा पावर के सीईओ एवं एमडी डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा: “टाटा पावर में, भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को गति देने के लिए नवाचार केंद्रीय भूमिका में है। ओशन सन के साथ हमारा सहयोग उन्नत वैश्विक प्रौद्योगिकियों को भारत में लाने और वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों में उनकी क्षमता का मूल्यांकन करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस फ्लोटिंग सोलर पायलट के माध्यम से, हमारा लक्ष्य मूल्यवान परिचालन अंतर्दृष्टि उत्पन्न करना और विश्वसनीय, स्केलेबल व किफायती स्वच्छ बिजली समाधान प्रदान करने की इसकी क्षमता का आकलन करना है।”
ओशन सन के सीईओ क्रिस्टियन टोरवोल्ड ने कहा: “भारत दुनिया के सबसे आकर्षक फ्लोटिंग सोलर बाजारों में से एक है, लेकिन यह एक बड़ा और जटिल बाजार भी है जहां स्थानीय निष्पादन क्षमताएं आवश्यक हैं। टाटा पावर उस जटिलता से निपटने के लिए आवश्यक अनुभव, क्षमताएं और बाजार की समझ लाता है। इसलिए हम इस सहयोग को स्थापित करने और इस परियोजना पर मिलकर काम करने के लिए विशेष रूप से प्रसन्न हैं।”
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और इन्वेस्ट इंडिया ने इस जुड़ाव को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो भूमि पर निर्भरता को कम करते हुए वाष्पीकरण (evaporation) को रोकने में भी सहायक सिद्ध होगा।
