भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग (DoSJE) ने मंत्रालय के संवाद सम्मेलन कक्ष में रिकॉर्ड प्रबंधन (अभिलेखों के रखरखाव) पर एक व्याख्यान का आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्वच्छता को स्थायी बनाने और लंबित कार्यों को कम करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 6.0 का हिस्सा था। इस कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट ऑफ सेक्रेटेरिएट ट्रेनिंग एंड मैनेजमेंट (ISTM) के पूर्व शिक्षक श्री पी. के. जायसवाल ने व्याख्यान दिया।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सत्र का उद्देश्य विभाग के अधिकारियों को रिकॉर्ड के सही तरीके से रखरखाव के महत्व के बारे में जागरूक करना था। इसमें सरकारी रिकॉर्ड को सही ढंग से रखने और सुरक्षित रखने, फाइलों की समय पर समीक्षा करने तथा रिकॉर्ड को तय नियमों के अनुसार सुरक्षित रखने और अनुपयोगी होने पर हटाने की प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया गया।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, रिकॉर्ड रखने की निर्धारित समय-सीमा, रिकॉर्ड की विभिन्न श्रेणियों और उन्हें सुरक्षित रखने तथा हटाने से जुड़े विभागीय निर्देशों की जानकारी दी गई। व्याख्यान में रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखने और तय नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि सरकारी दस्तावेजों का सही प्रबंधन हो सके।

अधिकारी ने आगे बताया कि सत्र में यह भी समझाया गया कि रिकॉर्ड का सही प्रबंधन करने से कार्यालय में जगह का बेहतर उपयोग होता है, जरूरी जानकारी और दस्तावेज आसानी से मिल जाते हैं तथा प्रशासनिक कामकाज अधिक कुशल बनता है। उन्होंने कहा कि कागजी और डिजिटल रिकॉर्ड का सही प्रबंधन सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ समय पर निर्णय लेने में भी मदद करता है।
यह व्याख्यान विशेष अभियान 6.0 के तहत विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों का हिस्सा है। इन पहलों का उद्देश्य कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखना, रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित करना, लंबित कार्यों को कम करना और कार्यालय प्रबंधन की अच्छी कार्यप्रणाली को स्थायी बनाना है।

इन पहलों के माध्यम से सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग एक स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर कार्य वातावरण को बढ़ावा दे रहा है। साथ ही, विशेष अभियान 6.0 के उद्देश्यों के अनुरूप प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और कुशल बनाने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है।
