साहित्य भवन से संवरेगा देवरी का साहित्यिक भविष्य,नई प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

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साहित्यिक गतिविधियों को गति देने की पहल,नगर के प्रबुद्धजनों ने साझा किए विचार

देवरीकला-:नगर में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से साहित्य भवन देवरी में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। स्वर्गीय शिव सहाय चतुर्वेदी चौबे की साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने तथा साहित्य भवन को नियमित साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र बनाने को लेकर नगर के प्रबुद्धजनों,शिक्षाविदों,युवाओं एवं पत्रकारों ने विचार-विमर्श किया।
यह पहल स्वर्गीय शिव सहाय चतुर्वेदी चौबे के साहित्य के प्रति समर्पण और नगर को साहित्यिक पहचान दिलाने में उनके योगदान को स्मरण करते हुए की जा रही है। बैठक में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में पदस्थ रामकुमार चौबे के नेतृत्व में उपस्थित जनों ने साहित्य भवन के उद्देश्यों को सार्थक बनाने और इसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सक्रिय मंच के रूप में विकसित करने पर चर्चा की।

बच्चों और युवाओं की प्रतिभा निखारने पर जोर

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि देवरी के बच्चों,छात्र-छात्राओं और युवाओं को कविता,कहानी,लेखन,निबंध तथा अन्य साहित्यिक विधाओं में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिलें। इसके लिए साहित्यिक गोष्ठियों,रचनात्मक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों के आयोजन की संभावनाओं पर विचार किया गया। उपस्थित जनों ने माना कि उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने से नगर की नई प्रतिभाएं साहित्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।

साहित्य भवन को सक्रिय बनाने की दिशा में पहल

बैठक का मुख्य उद्देश्य साहित्य भवन में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का विधिवत संचालन सुनिश्चित करना और इसके लिए सामूहिक प्रयासों के माध्यम से कार्ययोजना तैयार करना रहा। साथ ही,नगर की साहित्यिक परंपरा को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी को शिक्षा,साहित्य और रचनात्मक कार्यों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर आस एक उम्मीद संस्था के अध्यक्ष संजय ब्रजपुरिया,अनिल ढिमोले,नगर पालिका अध्यक्ष नेहा जैन,अनिल जैन,आर.के. नेमा,रजनीश जैन,महेन्द्र पलिया,कसक फाउंडेशन से जुड़े सुरजीत गोवा,अजीम प्रेमजी ट्रस्ट की युवा टीम से मुकेश टिटहरे,ज्योति तिवारी,अमितेंद्र मिश्रा,अनवर कुरैशी,उमेश पलिया सहित नगर के अनेक प्रबुद्धजन एवं पत्रकार साथी उपस्थित रहे।देवरी में साहित्यिक गतिविधियों को विस्तार देने की यह पहल नगर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ ही उभरते रचनाकारों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर सकती है।सामूहिक सहभागिता और नियमित आयोजनों के माध्यम से साहित्य भवन को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा,संवाद और सृजन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की उम्मीद जताई गई।

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