राजधानी के मुख्य अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) परिसर के बाहर वर्मा पार्सल की लापरवाही और मनमानी का बड़ा मामला सामने आया है। आईएसबीटी परिसर के ठीक बाहर वर्मा पार्सल का सामान, बड़े-बड़े बंडल और बोरियां बिना किसी प्रबंधन के खुलेआम रास्तों पर इस तरह बिखरी रहती हैं, जैसे कोई कचरे का ढेर लगा हो।
आईएसबीटी परिसर से होकर प्रतिदिन हजारों यात्री सफर के लिए गुजरते हैं, लेकिन वर्मा पार्सल द्वारा मुख्य रास्तों और परिसर के बाहर सामान डंप किए जाने के कारण राहगीरों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। भारी-भरकम सामान और पार्सल फैले होने की वजह से यात्रियों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इन सामानों के बीच से निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बस स्टैंड जैसे व्यस्त और संवेदनशील सार्वजनिक स्थल पर निजी पार्सल सेवा द्वारा इस तरह रास्तों पर कब्जा जमाना नियमों के विरुद्ध है। वर्मा पार्सल संचालकों द्वारा इस सार्वजनिक जगह को एक तरह से खुला गोदाम बना लिया गया है, जिससे बस टर्मिनल की व्यवस्था और स्वच्छता दोनों प्रभावित हो रही हैं। स्थानीय यात्रियों और नागरिकों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि वर्मा पार्सल की इस मनमानी पर रोक लगाई जाए और सार्वजनिक रास्तों से तुरंत अतिक्रमण हटाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
आईएसबीटी भोपाल: वर्मा पार्सल की लापरवाही से फैला अतिक्रमण, यात्रियों के लिए बना मुसीबत का कारण
