कर्ज की राशि: 4,500 करोड़ रुपये (तीन अलग-अलग किस्तों में)
कुल कर्ज का बोझ: इस नए कर्ज को मिलाकर चालू वित्त वर्ष (2026-27) में अब तक कुल 45,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया जा चुका है।
कुल उधारी: इस कर्ज के बाद मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर 5.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
इस्तेमाल का कारण: सरकार के अनुसार, इस राशि का उपयोग सड़क, एक्सप्रेस-वे, सिंचाई, बिजली और अन्य बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास परियोजनाओं पर किया जाएगा।
