जमीनी और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर उठे सवाल, शिकायतों का जवाब नहीं मिलने से संगठनात्मक कार्यप्रणाली पर निशाना
इन्दौर । एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार की नीतियों तथा कथित वोट चोरी के मुद्दे पर लगातार मुखर होकर राजनीतिक संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीति का गढ़ माने जाने वाले इन्दौर में कांग्रेस के जमीनी और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व प्रदेश संयोजक प्रकाश महावर कोली ने शहर कांग्रेस संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ताओं के सम्मान, संवाद और संगठन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
महावर कोली का आरोप है कि इन्दौर शहर कांग्रेस में वर्षों से पार्टी के लिए काम करने वाले बुनियादी कार्यकर्ताओं को न तो अपेक्षित सम्मान मिल रहा है और न ही संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भूमिका को महत्व दिया जा रहा है। उनका कहना है कि शहर कांग्रेस में संगठन महामंत्री सहित कुछ जिम्मेदार पदाधिकारियों द्वारा निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत होते हैं। यदि उन्हीं की उपेक्षा होगी, उनकी बात नहीं सुनी जाएगी और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़ेगा, तो संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।
लिखित शिकायतों पर जवाब नहीं मिलने का आरोप
प्रकाश महावर कोली ने यह भी आरोप लगाया कि जब बुनियादी कार्यकर्ता अपनी समस्याओं और संगठनात्मक उपेक्षा को लेकर शहर कांग्रेस से लेकर प्रदेश कांग्रेस तक लिखित शिकायतें भेजते हैं, तो उन शिकायतों का जवाब तक नहीं दिया जाता। कांग्रेस की बैठकों और संगठनात्मक मीटिंगों में भी अनेक जमीनी एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सूचना नहीं दिए जाने की बात उन्होंने कही।
उनके अनुसार, संगठन में संवादहीनता और कार्यकर्ताओं की अनदेखी जैसी परिस्थितियां पार्टी के भीतर असंतोष को बढ़ा सकती हैं। कांग्रेस नेतृत्व को इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं का विश्वास बना रहे।
नेतृत्व के संघर्ष और स्थानीय संगठन में समन्वय का सवाल
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जिस तरह जनहित के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, उससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी सक्रियता और संघर्ष की प्रेरणा मिलती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक जवाबदेही, कार्यकर्ताओं का सम्मान और उनकी शिकायतों का समयबद्ध निराकरण भी उतना ही आवश्यक है।
प्रकाश महावर कोली का मानना है कि कांग्रेस को अपनी जमीनी ताकत बनाए रखने के लिए वरिष्ठ, अनुभवी और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना होगा। संगठन में पद की प्रतिष्ठा से अधिक कार्यकर्ता के योगदान और समर्पण को महत्व दिया जाना चाहिए।
अब सवाल यह है कि क्या इन्दौर शहर कांग्रेस और प्रदेश नेतृत्व कार्यकर्ताओं की इन शिकायतों पर ध्यान देकर संगठनात्मक व्यवस्था में सुधार की पहल करेगा? पार्टी की मजबूती के लिए यह आवश्यक है कि कार्यकर्ताओं को केवल चुनाव और आंदोलनों के समय याद न किया जाए, बल्कि संगठन के रोजमर्रा के कामकाज में भी उन्हें सम्मानजनक स्थान और उचित भागीदारी मिले।
भवदीय
— प्रकाश महावर कोली
पूर्व प्रदेश संयोजक, मध्यप्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग
Mo. 9009677768
