इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (IGRMS), भोपाल में नवरात्रि के अवसर पर ‘विरासत’ समूह द्वारा ‘शक्ति’ नामक विशेष संगीतमय प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में संग्रहालय के निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे, संग्रहालय के अधिकारी-कर्मचारी तथा भोपाल के अनेक नागरिक उपस्थित रहे।

लगभग दो घंटे की इस प्रस्तुति में देवी-स्तुतियों, भारतीय लोकसंगीत, संतवाणी और सूफी संगीत का समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम का आरंभ गणेश स्तुति से हुआ। इसके बाद महाकाल, हरसिद्धि माता, महिषासुरमर्दिनी, मां काली, दुर्गा, चामुंडा देवी, लक्ष्मी और सरस्वती की स्तुतियों के माध्यम से भारतीय उपासना परंपराओं की संगीतमय अभिव्यक्ति की गई।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की लोकगायन परंपरा ‘पचरा’ के साथ मीरा, कबीर, बाबा बुल्ले शाह, बाबा फरीद, अमीर खुसरो और शाह हुसैन की रचनाओं तथा गुरु गोबिंद सिंह जी के शबद की प्रस्तुति भी दी गई। इन प्रस्तुतियों ने भारतीय संगीत की विविध परंपराओं और आध्यात्मिक विचारधाराओं के बीच संवाद को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संदेश था कि संगीत धर्म और संप्रदाय की सीमाओं से परे होकर ईश्वर की आराधना और मानवीय एकता का माध्यम बन सकता है।

मुख्य गायक राजीव सिंह ने ‘शक्ति’ प्रस्तुति को भारतीय सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक परंपराओं की सशक्त संगीतमय अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने IGRMS को विश्वस्तरीय संग्रहालय बताते हुए निदेशक प्रो. अमिताभ पांडे एवं संग्रहालय प्रबंधन के प्रति प्रस्तुति का अवसर प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य गायक राजीव सिंह, अमन मलिक और रोहित वानखेड़े ने गायन प्रस्तुत किया। वाद्य संगत में साबिर खान ने ढोलक, आमिर खान और राहुल शर्मा ने तबला तथा हनीफ हुसैन ने सारंगी पर संगत की। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने देवी आराधना, लोकपरंपराओं और संत-सूफी संगीत के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत की व्यापकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
