मुंबई: भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक—और आरबीआई से यूनिवर्सल बैंक में बदलाव की सैद्धांतिक मंजूरी पाने वाले पहले बैंक—एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU SFB) के प्रमुख ‘व्हील्स कारोबार’ ने ₹50,000 करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का आंकड़ा सफलतापूर्वक पार कर लिया है। अगस्त 2026 में दर्ज की गई यह उपलब्धि केवल वित्तीय वृद्धि को नहीं, बल्कि करीब तीन दशकों से भारत की मोबिलिटी, आजीविका और उद्यमिता को समर्थन देने में बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है।
1996 में राजस्थान से स्वरोजगार करने वाले उद्यमियों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को वित्तीय सहायता देने से शुरू हुआ यह सफर आज देश के सबसे बड़े व्हीकल-फाइनेंस पोर्टफोलियो में बदल चुका है, जो वर्तमान में 13.7 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहा है।
पोर्टफोलियो का प्रदर्शन और वित्तीय आंकड़े
यह कारोबार एयू एसएफबी का सबसे बड़ा लेंडिंग सेगमेंट बना हुआ है और बैंक के कुल लोन पोर्टफोलियो में लगभग एक-तिहाई (1/3rd) योगदान देता है।
- 3-वर्षीय CAGR: 26%
- 5-वर्षीय CAGR: 29%
- नेटवर्क विस्तार: 3,000 से अधिक सर्विस टचपॉइंट्स और करीब 2,000 स्थानों पर प्रत्यक्ष उपस्थिति।
₹50,000+ करोड़ के AUM का श्रेणीवार विभाजन
| सेगमेंट / वाहन श्रेणी | एयूएम (AUM) राशि | भूमिका व महत्व |
| नया वाहन वित्त (New Vehicle Finance) | ₹30,752 करोड़ | नए ट्रांसपोर्टरों, कारोबारियों और व्यक्तिगत खरीदारों के लिए। |
| पुराना वाहन वित्त (Pre-Owned Vehicle Finance) | ₹17,966 करोड़ | किफायती मोबिलिटी और छोटे उद्यमियों को औपचारिक ऋण देने में सहायक। |
| दोपहिया वाहन वित्त (Two-Wheeler Finance) | ₹1,767 करोड़ | व्यक्तिगत आवाजाही और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने हेतु। |
नेतृत्व और भविष्य की दिशा
“हमारे व्हील्स कारोबार का AUM ₹50,000 करोड़ के पार पहुंचना उस नींव को दर्शाता है जिस पर 30 साल पहले एयू का निर्माण हुआ था। यह उपलब्धि केवल पोर्टफोलियो के आकार की नहीं, बल्कि 13 लाख से अधिक ग्राहकों की आजीविका, मोबिलिटी और आर्थिक प्रगति की यात्रा है। यूनिवर्सल बैंक बनने के सफर में यह कारोबार हमारे विकास का मुख्य इंजन बना रहेगा।”
— संजय अग्रवाल (संस्थापक, एमडी एवं सीईओ, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक)
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: बैंक अपने लेंडिंग ऑपरेशंस में एडवांस्ड एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और एआई-आधारित (AI-driven) क्षमताओं को तेजी से एकीकृत कर रहा है, जिससे अंडरराइटिंग, जोखिम प्रबंधन और परिचालन दक्षता में व्यापक सुधार आ रहा है।
