नई दिल्ली : ‘एनपीएस दिवस 2026’ के अवसर पर सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक बैंक ऑफ़ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बैंक को ‘पीएफआरडीए अधिनियम, 2013’ की धारा 27 के अंतर्गत पेंशन फंड के प्रायोजक (Sponsor) के रूप में नियुक्ति का पीएफआरडीए (PFRDA) प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही बैंक ऑफ़ बड़ौदा पेंशन फंड कारोबार में प्रवेश करने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का दूसरा बैंक बन गया है।
यह प्रमाण-पत्र वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) के सचिव श्री संजय लोहिया (IAS) द्वारा बैंक ऑफ़ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (MD & CEO) डॉ. देबदत्त चांद को प्रदान किया गया। इस दौरान पीएफआरडीए के अध्यक्ष श्री एस. रमन और एनपीएस ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री दिनेश कुमार खारा भी उपस्थित रहे।
भीम (BHIM) ऐप पर ‘तत्काल एनपीएस’ का एकीकरण: कार्यक्रम के दौरान बैंक ऑफ़ बड़ौदा ‘तत्काल एनपीएस’ (Instant NPS) के द्वितीय चरण के तहत भीम (BHIM) ऐप पर यह सुविधा उपलब्ध कराने वाले शुरुआती बैंकों में शामिल हो गया है। एनपीसीआई भीम सर्विसेज़ लिमिटेड (NPCI BHIM Services Ltd.) के साथ इस एकीकरण से ग्राहकों को डिजिटल ऑनबोर्डिंग के माध्यम से नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जोड़ना और अधिक सहज व सुविधाजनक हो जाएगा।
प्रमुख विशेषताएँ एवं लाभ:
- दीर्घकालिक बचत का विस्तार: सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे बैंक के रूप में पेंशन फंड मैनेजमेंट में उतरने से ग्राहकों को सेवानिवृत्ति नियोजन के भरोसेमंद विकल्प मिलेंगे।
- डिजिटल पहुँच: भीम ऐप के व्यापक उपयोगकर्ता आधार का लाभ उठाकर देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक पेंशन उत्पादों की पहुँच स्थापित की जाएगी।
- सहमति व हितधारक भागीदारी: एनपीएस दिवस समारोह में वित्तीय सेवाएं विभाग, सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRAs) और निजी व सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
नेतृत्व का संदेश:
- डॉ. देबदत्त चांद (प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बैंक ऑफ़ बड़ौदा):“आज का दिन बैंक ऑफ़ बड़ौदा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। पेंशन फंड कारोबार में प्रवेश और भीम ऐप पर ‘तत्काल एनपीएस’ की शुरुआत ग्राहकों के लिए सेवानिवृत्ति संबंधी समाधानों को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमारा उद्देश्य डिजिटल नवाचार का लाभ उठाकर सभी के लिए दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को बढ़ावा देना है।”
