प्राइवेट डॉक्टर्स और अस्पताल संगठनों ने आंदोलन का ऐलान किया।
अस्पतालों ने बकाया भुगतान और क्लेम कटौती को बड़ी समस्या बताया।
भोपाल के कई अस्पतालों का डेढ़ से 2 करोड़ रुपए तक भुगतान अटका।
डॉक्टर्स बोले- इलाज से पहले मंजूरी, फिर क्लेम रिजेक्ट करना मंजूर नहीं।
NABH सर्टिफिकेट की अनिवार्यता तत्काल खत्म करने की मांग।
हर क्लेम रिजेक्शन और कटौती का स्पष्ट कारण बताने की मांग की।
संगठनों ने भुगतान की समय-सीमा और जवाबदेही तय करने को कहा।
मांगें नहीं मानीं तो 1000 एम्बुलेंस के साथ दिल्ली कूच की चेतावनी।
8 अक्टूबर से प्रदेश के निजी अस्पतालों में आयुष्मान मरीजों का इलाज प्रभावित होने की आशंका।
