गंगा ने क्रोध में शिव को शीतल किया, शिव ने जटा में बाँध लिया कल्पों तक — फिर एक श्राप ने उन्हें ला खड़ा किया उज्जैन के इसी शिवलिंग के सामने”*”स्वर्ग में एक दृष्टि की भूल, धरती पर सदियों का श्राप — गंगेश्वर महादेव के दर्शन मात्र से मुक्त हुईं स्वयं माँ गंगा”
जहाँ स्वयं माँ गंगा को भी श्राप-मुक्ति के लिए शिव-दर्शन करना पड़ा डॉ.नवीन आनंद जोशी उज्जैन के महाकाल वन में,…
