मंडी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मंडी आगामी 30 मार्च 2026 को अपना 17वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। यह अवसर संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में तय किए गए सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मंडी की सुरम्य कामंड घाटी में स्थित यह संस्थान अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स और सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
समारोह के मुख्य आकर्षण और अतिथि
स्थापना दिवस समारोह में शिक्षा और उद्योग जगत की दिग्गज हस्तियां शिरकत करेंगी:
- मुख्य अतिथि: पद्म भूषण से सम्मानित क्रिस गोपालकृष्णन (सह-संस्थापक, इन्फोसिस लिमिटेड और चेयरमैन, एक्सिलर वेंचर्स)।
- विशिष्ट अतिथि: ओसामा खतीब (निदेशक, स्टैनफोर्ड रोबोटिक्स लैब, अमेरिका), जो रोबोटिक्स के भविष्य पर अपने विचार साझा करेंगे।
- अध्यक्षता: लेफ्टिनेंट जनरल के. जे. एस. ढिल्लों (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईटी मंडी।
इसके अलावा, संस्थान के संस्थापक निदेशक टिमोथी गोंसाल्वेस, बीएचयू के कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी और सीएसजेएमयू के कुलपति विनय कुमार पाठक भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
निदेशक का संदेश: भविष्य की दिशा
आईआईटी मंडी के निदेशक, लक्ष्मीधर बेहरा ने इस अवसर पर संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा:
“स्थापना दिवस हमारे विकास और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाने वाला अवसर है। पिछले 16 वर्षों में हमने अनुसंधान के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। इस दिन हम समाज और राष्ट्र के प्रति अपने योगदान को और अधिक सार्थक बनाने का संकल्प दोहराते हैं।”
आईआईटी मंडी: एक नजर में
- स्थापना: वर्ष 2009।
- विशेषज्ञता: बहु-विषयक शिक्षा (Multi-disciplinary education) और अत्याधुनिक अनुसंधान।
- इकोसिस्टम: संस्थान ने नवाचार, उद्यमिता (Entrepreneurship) और सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देने वाला एक मजबूत ढांचा विकसित किया है।
