मुंबई : भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) आगामी त्योहारी सीजन के दौरान बिक्री बढ़ाने और इन्वेंट्री, उत्पादन क्षमता व लॉजिस्टिक्स की एडवांस तैयारियों के लिए कार्य पूंजी (Working Capital) ऋण को प्राथमिकता दे रहे हैं। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी नामदेव फिनवेस्ट के अनुसार, त्योहारों से पहले एमएसएमई सेक्टर से आने वाली ऋण मांग में लगभग 35% की मजबूत सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उद्यमी मौसमी नकदी-प्रवाह (Cash Flow) के दबाव से बचने और स्टॉक सुरक्षित करने के लिए मांग शुरू होने से काफी पहले ही ऋण जुटा रहे हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार भी त्योहारी सीजन के दौरान बैंक ऋण में ₹4.1 लाख करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक है। एमएसएमई के लिए समय पर ऋण उपलब्धता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नामदेव फिनवेस्ट के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री जितेंद्र तंवर ने कहा कि छोटे व्यवसायों के लिए त्योहारी सीजन ग्राहकों की खरीदारी शुरू होने से काफी पहले शुरू हो जाता है। सही समय पर और जिम्मेदार तरीके से लिया गया ऋण उद्यमियों को उनके दैनिक नकदी प्रवाह पर दबाव डाले बिना क्षमता बढ़ाने का आत्मविश्वास प्रदान करता है।
