पराग मिल्क फूड्स ₹100 करोड़ के निवेश से पनीर उत्पादन क्षमता चार गुना बढ़ाकर करेगी 80 टन प्रतिदिन

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मुंबई: भारत की प्रमुख डेयरी और न्यूट्रिशन कंपनियों में शामिल पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड ने अपनी पनीर उत्पादन क्षमता में चार गुना विस्तार करने के लिए लगभग ₹100 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। इस रणनीतिक निवेश का उद्देश्य कंपनी के महाराष्ट्र स्थित मंचर और आंध्र प्रदेश के पालमनेर संयंत्रों में 60 टन प्रतिदिन क्षमता की नई इकाइयां जोड़ना है, जिससे कुल पनीर उत्पादन क्षमता मौजूदा 20 टन प्रतिदिन से बढ़कर 80 टन प्रतिदिन हो जाएगी। जून 2027 तक चालू होने वाली इन विस्तारित सुविधाओं में नियमित और हाई-प्रोटीन, दोनों प्रकार के पनीर का उत्पादन किया जाएगा।

कंपनी के कुल कारोबार में वैल्यू-एडेड उत्पादों की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक है, जिसमें पनीर एक मुख्य स्तंभ के रूप में उभरा है और पिछले दो वर्षों में इसने 28 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। उन्नत मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक पैकेजिंग तकनीक के दम पर कंपनी का ब्रांडेड पनीर बिना किसी प्रिजर्वेटिव के 75 दिनों की शेल्फ लाइफ प्रदान करता है। संगठित डेयरी क्षेत्र में फिलहाल केवल 5-6 प्रतिशत हिस्सेदारी है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण और पैकेज्ड उत्पादों की ओर उपभोक्ताओं के बढ़ते रुझान का लाभ उठाने के लिए पराग जनरल ट्रेड, मॉडर्न ट्रेड, क्विक-कॉमर्स, ई-कॉमर्स और होरेका (HoReCa) जैसे सभी चैनलों के माध्यम से अपनी राष्ट्रव्यापी पहुंच को और मजबूत कर रहा है।

विस्तार योजना पर बात करते हुए पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के सीओओ राहुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पनीर भारतीय खान-पान का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है और कंपनी के पास इसकी ताजगी तथा गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखने की मजबूत विनिर्माण क्षमता मौजूद है। उन्होंने बताया कि 60 टन प्रतिदिन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने से कंपनी को विभिन्न डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों के जरिए देशभर में वितरण पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। इनोवेशन, बड़े पैमाने पर उत्पादन और व्यापक उपभोक्ता पहुंच के माध्यम से कंपनी वैल्यू-एडेड डेयरी सेगमेंट में अपनी बाजार हिस्सेदारी को और मजबूत करने के प्रति आश्वस्त है।

बाजार की संभावनाओं को देखें तो आईएमएआरसी (IMARC) की रिपोर्ट के अनुसार भारत का पनीर बाजार वर्ष 2025 में ₹73,140 करोड़ का था, जिसके 12.34 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ वर्ष 2034 तक ₹2.15 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। प्रोटीन-युक्त खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग, ब्रांडेड डेयरी उत्पादों के प्रति प्राथमिकताओं और संगठित ई-कॉमर्स व क्विक-कॉमर्स के तेजी से होते विस्तार के कारण पराग मिल्क फूड्स का यह निवेश डेयरी उद्योग में उसकी दीर्घकालिक विकास रणनीति को नई मजबूती प्रदान करेगा।

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