बच्चों के हुनर को पहचानकर उन्हें कौशल और रोजगार की दिशा दें : प्रो. दीक्षित

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पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), एनसीईआरटी, भोपाल में 12 अक्‍टूबर 2026 से कृषि एवं बैंकिंग क्षेत्रों के व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए पाँच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुए। इनके अंतर्गत प्रदेश के 74 व्यावसायिक प्रशिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा, जो आगे अन्य व्यावसायिक शिक्षकों की क्षमता संवर्धन में योगदान देंगे। यह पहल ‘एक संस्थान–एक संकल्प’ के तहत मध्यप्रदेश के 500 व्यावसायिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के संस्थान के लक्ष्य की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं एआईजीजीपीए के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और वर्ष 2047 तक भारत को वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करने में शिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कक्षा छह से ही विद्यार्थियों की रुचि एवं हुनर की पहचान कर उन्हें कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि वे अपनी क्षमता के अनुरूप भविष्य का मार्ग चुन सकें। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान मध्यप्रदेश में नई तकनीकों और व्यावसायिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। 

500 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य: डॉ. पालीवाल
संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. दीपक पालीवाल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षकों का क्षमता संवर्धन, व्यावहारिक प्रशिक्षण और राष्ट्रीय संस्थानों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि एनसीईआरटी की प्रोग्राम एडवाइजरी कमेटी के अंतर्गत स्वीकृत छह प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार कर 12 कार्यक्रम किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों के लिए 20 प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक अभ्यास, राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचे (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप पाठ्यक्रम, जॉब रोल्स और अधिगम प्रतिफलों की समझ पर जोर दिया जा रहा है। 

प्रशिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा दें: समीर डेनियल
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में सलाहकार श्री समीर डेनियल ने कहा कि व्यावसायिक प्रशिक्षकों की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उनके भविष्य को दिशा देना और रोजगारपरक कौशल से युक्त बनाना भी है। उन्होंने प्रशिक्षकों से विद्यार्थियों को संबंधित उद्योगों, रोजगार के अवसरों एवं संस्थानों की जानकारी देने तथा करियर मार्गदर्शन पर ध्यान देने का आह्वान किया।  कार्यक्रम में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की श्रीमती सुप्रिया थी।

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