नई दिल्ली : भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) ने आज जमीनी स्तर पर उद्यमिता को मजबूत करने और देश के छोटे शहरों व ग्रामीण इलाकों के इनोवेटर्स के लिए अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल ‘नवाचार मंत्र’ का शुभारंभ किया है. इस प्रोग्राम को नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (निसबड) द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है, जिसमें आईआईटी दिल्ली का ‘फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ (FITT) टेक्निकल नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रहा है.
इस परिवर्तनकारी पहल को कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री माननीय श्री जयन्त चौधरी ने आईआईटी दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में नीति-निर्माताओं, निवेशकों और युवा उद्यमियों की उपस्थिति में आधिकारिक रूप से लॉन्च किया.
चुनौतियों को अवसर में बदलेंगे भारतीय युवा: जयन्त चौधरी
लॉन्च के अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जयन्त चौधरी ने कहा, “दुनिया को न केवल भारत में बने प्रोडक्ट्स का उपयोग करना चाहिए, बल्कि भारत में सोची गई टेक्नोलॉजी का भी उपयोग करना चाहिए; यही ‘नवाचार मंत्र’ की सच्ची भावना है. एआई, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भारत की बौद्धिक छाप अवश्य होनी चाहिए. भारत के पास चुनौतियों का विशाल पैमाना, वास्तविकताओं की विविधता और वैश्विक समस्याओं को हल करने में सक्षम युवाओं का हुनर है.”
उन्होंने युवा इनोवेटर्स से अपने जुनून और मकसद से प्रेरित होकर करियर चुनने का आग्रह किया, ताकि वे बिना किसी मानसिक बोझ के देश के विकास में अपना सार्थक योगदान दे सकें.
फायरसाइड चैट: “ग्रासरूट्स इनोवेशन टू नेशनल स्केल”
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “नेविगेटिंग द एंटरप्रेन्योरियल जर्नी: फ्रॉम ग्रासरूट्स इनोवेशन टू नेशनल स्केल” विषय पर आयोजित एक फायरसाइड चैट (विमर्श सत्र) रही. इस सत्र का संचालन ‘स्कैनक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज’ के फाउंडर और सीईओ श्री रजत वर्धन ने किया. पैनल में देश के जाने-माने उद्यमी शामिल हुए, जिनमें:
- श्री संदीप अग्रवाल (फाउंडर और सीईओ, ड्रूम)
- श्री बिपिन प्रीत सिंह (फाउंडर और सीईओ, मोबिक्विक)
- डॉ. जगदीश गुप्ता कपुगंती (फाउंडर, फ्रूवेटेक प्राइवेट लिमिटेड)
- सुश्री मीनल गुप्ता (फाउंडर, ईजीओफाई सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड)
इन दिग्गजों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए उभरते हुए उद्यमियों को बिजनेस स्केलिंग, रेजिलिएंस और सस्टेनेबल वेंचर्स बनाने के अनमोल मंत्र दिए.
‘नवाचार मंत्र’ प्रोग्राम की मुख्य विशेषताएं और लाभ:
- लक्षित क्षेत्र व प्राथमिकता: यह प्रोग्राम विशेष रूप से टियर-2, टियर-3 शहरों, आकांक्षी जिलों और पिछड़े इलाकों के उन इनोवेटर्स पर केंद्रित है जो एग्रीटेक, हेल्थटेक, एडटेक, क्लाइमेट व सस्टेनेबिलिटी, रूरल कॉमर्स और एमएसएमई (MSME) एनेबलमेंट जैसे प्राथमिकता वाले सेक्टर्स में काम कर रहे हैं.
- एक वर्षीय एंगेजमेंट प्रोग्राम: चुने गए इनोवेटर्स को एक साल के विशेष प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा, जहां उन्हें मेंटरशिप राउंडटेबल्स, थीमैटिक वेबिनार, इनोवेशन शोकेस और निवेशकों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा.
- व्यावसायिक मार्गदर्शन: प्रतिभागियों को बिजनेस डेवलपमेंट, मार्केट एक्सेस, रेगुलेटरी कंप्लायंस, बौद्धिक संपदा (Intellectual Property), फंडरेजिंग और पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष गाइडेंस दी जाएगी.
- राष्ट्रीय स्तर पर पहचान: मंत्रियों के पॉडकास्ट, डिजिटल कैंपेन और नेशनल शोकेस इवेंट्स के माध्यम से होनहार स्टार्टअप्स को देशव्यापी विजिबिलिटी और पहचान दिलाई जाएगी.
आवेदन और चयन प्रक्रिया:
इस पहल के तहत देश भर के इनोवेटर्स से आवेदन आमंत्रित करने के लिए एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत कर दी गई है. आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 जुलाई, 2026 तय की गई है. प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी के लिए शिक्षा जगत, उद्योग और सरकारी संस्थानों के एक्सपर्ट्स को शामिल करते हुए एक बेहद सख्त, बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
गरिमापूर्ण उपस्थिति: इस गरिमापूर्ण लॉन्चिंग इवेंट में डीजीटी के डायरेक्टर जनरल श्री दिलीप कुमार; मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुश्री हेना उस्मान व इकोनॉमिक एडवाइजर सुश्री अर्चना मायाराम; आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर प्रो. रंगन बनर्जी; निसबड की डायरेक्टर जनरल डॉ. पूनम सिन्हा और FITT के एमडी डॉ. निखिल अग्रवाल सहित स्टार्टअप इकोसिस्टम के कई वरिष्ठ अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
