भारत की प्रमुख एकीकृत बिजली कंपनियों में से एक टाटा पावर और यूके की शीर्ष रैंकिंग वाली संस्था इंपीरियल कॉलेज लंदन ने ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी ग्रिड फ्लेक्सिबिलिटी, एनर्जी स्टोरेज, डिजिटल एनर्जी सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंडस्ट्रियल डीकार्बोनाइजेशन पर केंद्रित होगी।
यह सहयोग ‘भारत-यूके विजन 2035’ के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु सुरक्षा संबंधों को मजबूत करता है। समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान टाटा पावर के सीईओ व एमडी डॉ. प्रवीर सिन्हा और इंपीरियल कॉलेज लंदन की वाइस प्रोवोस्ट (रिसर्च एंड एंटरप्राइज) प्रोफेसर मैरी रयान उपस्थित रहे।
पहल पर टिप्पणी करते हुए यूके के बिजनेस और ट्रेड सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने कहा कि ब्रिटेन की विश्व स्तरीय रिसर्च और भारत की औद्योगिक विशेषज्ञता का यह मेल टिकाऊ विकास और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देगा। टाटा पावर के डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा कि तेजी से बदलती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अगली पीढ़ी के ग्रिड, स्टोरेज और एआई-संचालित डिजिटल प्रणालियों को एक साथ लाना आवश्यक है, जिससे न केवल भारत बल्कि वैश्विक ऊर्जा संक्रमण को गति मिलेगी।
