भोपाल। मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास और युवाओं के रोजगार के मुद्दों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में उद्योगों और रोजगार की स्थिति को लेकर केवल जुमलेबाजी की जा रही है, जबकि धरातल पर कोई ठोस काम नहीं दिख रहा। कुणाल चौधरी ने राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और इंवेस्टर समिट पर सवाल उठाते हुए कहा, “मध्य प्रदेश में उद्योग किसी के भरोसे पर आता है। लेकिन ना तो जनता को सरकार पर भरोसा बचा है और ना ही उद्योगपतियों को। पिछले 20 सालों में जितनी भी इंवेस्टर समिट हुई हैं और विदेशों में रोड शो किए गए हैं, उन पर भारतीय जनता पार्टी को एक ‘श्वेत पत्र’ जारी करना चाहिए।आरोप लगाया कि हर साल इंवेस्टर समिट में डेढ़ लाख करोड़, ढाई लाख करोड़ या पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश आने के दावे किए जाते हैं, लेकिन असलियत यह है कि न तो वह पैसा दिखता है और न ही उद्योग। कांग्रेस का कहना है कि सरकार के पास उद्योगों को लाने और प्रदेश के विकास का कोई स्पष्ट रोडमैप या विजन नहीं है।
