नई दिल्ली। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 75% करने जा रही है।
अभी कितनी है हिस्सेदारी?
- पंजाब एंड सिंध बैंक: 93.85%
- इंडियन ओवरसीज बैंक: 92.44%
- यूको बैंक: 90.95%
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: 81.19%
क्यों बेच रही है सरकार?
SEBI का नियम है कि लिस्टेड कंपनी में कम से कम 25% शेयर आम जनता (पब्लिक) के पास होना चाहिए। इन बैंकों को अगस्त 2026 तक छूट मिली थी, जो अब खत्म हो रही है। इसी नियम को पूरा करने के लिए सरकार को हिस्सा बेचना पड़ रहा है।
कैसे बिकेंगे शेयर?
- OFS (Offer For Sale) – सरकार खुद बाजार में शेयर बेचेगी
- QIP – बैंक खुद बड़े निवेशकों को शेयर बेचकर पैसा जुटाएंगे
सरकार ने एक साल की मोहलत मांगी है क्योंकि एक साथ 10% से ज्यादा हिस्सा बेचना बाजार में मुश्किल है। IDBI बैंक में पहले ही 60.72% हिस्सा Fairfax को ₹52,878 करोड़ में बेचने का फैसला हो चुका है।
क्या ये निजीकरण है?
नहीं। ये सिर्फ SEBI नियम पूरा करना है। मालिकाना हक अभी भी सरकार के पास ही रहेगा। हालांकि पहले नीति आयोग ने सेंट्रल बैंक और IOB का नाम निजीकरण के लिए सुझाया था, लेकिन अभी उस पर फाइनल फैसला नहीं है। सरकार का लॉन्ग टर्म प्लान 3-4 बड़े सरकारी बैंक रखना है।
