उपचार में योग की बढ़ती महत्ता

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अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले सम्मेलन से पूर्व भारत में आयोजित विशेष योग शिक्षा कार्यशाला सम्मेलन में एम्स भोपाल के प्रोफेसर डा वरुण मल्होत्रा ने “रीढ़ की सीधी स्थिति” के महत्त्व को वैज्ञानिक रूप से समझाया। योग के बारे में “फिजियोलॉजी अक्रॉस द स्पेक्ट्रम: मॉलिक्यूल्स, मेडिसिन एंड माइंड-बॉडी हेल्थ” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाना है। 

इसी उद्देश्य से आयोजित पूर्व सम्मेलन में डा वरुण मल्होत्रा ने कार्यशाला में हार्ट रेट और वेगस टोन उत्तेजना में बेहतर परिणाम लाने के लिये नियंत्रित तरीके से सांस लेने की प्रक्रिया समझाई जिसमें श्वास प्रोटोकॉल की परिणाम केन्द्रित तकनीकी अंतर्गत 10 सेकंड श्वास लें, 10 सेकंड रोकें,10 सेकंड छोड़ें की शैली का नेतृत्व करते हुये विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने तनाव और शिथिलता संदर्भ में सहानुभूतिपूर्ण अति-सक्रियता को कम करने के लिए “विश्राम प्रतिक्रिया” को सत्यापित किया। 

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