भगवान श्रीकृष्ण की पाठशाला को फूल बंगले की तर्ज पर भव्य रूप से सजाया गया
भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में इस बार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। इस बार 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बना है। इसके चलते शैव और वैष्णव दोनों संप्रदाय एक ही दिन जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे। जन्मोत्सव को लेकर भगवान श्रीकृष्ण की पाठशाला को फूल बंगले की तर्ज पर भव्य रूप से सजाया गया है।
आज भगवान श्रीकृष्ण को केसर स्नान कराया जाएगा। इसके बाद सांदीपनि वंश परिवार द्वारा तैयार विशेष नीलांबर यानी मोर पंखी रंग की मखमली पोशाक और भव्य आभूषण धारण कराए जाएंगे। वहीं, बाल स्वरूप लड्डू गोपाल के लिए सफेद और गुलाबी रंग के विशेष परिधान तैयार किए गए हैं।
