- वंदे भारतम के एपिसोड 3, 4 और 5 में बिहार, हरियाणा, केरल, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के नौ स्टार्टअप्स को दिखाया गया, जो वॉटर-टेक, क्लाइमेट, एग्री-टेक, एजुकेशन और हेल्थटेक से जुड़े थे।
- अवॉर्ड्स और कमिटमेंट्स में वंदे विंग्स और मेंटरशिप से लेकर डायरेक्ट कैपिटल तक शामिल थे, जिसमें प्राइमरी हेल्थटेक के लिए रु1 करोड़ का आवंटन और भौम्या इनोवेशन्स के लिए रु 2 करोड़ का निवेश शामिल था, जिसे दो मेंटर्स के बीच बांटा गया।
- मेंटर्स ने क्षेत्र के अनुसार विशेष सपोर्ट दिया – गंगा के मैदानों में पानी के समाधान लागू करने में मदद से लेकर धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट और अदाणी के सेब के खेतों और एयरपोर्ट्स में पायलट मौकों तक- उन्हें ढेरों अवसर दिए गए।
- यह सीज़न 17 सितंबर को ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रहा है, जहाँ विजेताओं को अदाणी ग्रुप द्वारा समर्थित रु 2 करोड़ का नकद पुरस्कार मिलेगा।
नई दिल्ली : श्री गौतम अदाणी द्वारा शुरू की गई देश व्यापी पहल वंदे भारतम, जिसका उद्देश्य भारत के बुनियादी स्तर के इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स को खोजना और उनका जश्न मनाना है, ने एपिसोड 3, 4 और 5 के साथ अपना टेलीविज़न रन जारी रखा। इसमें नौ स्टार्टअप्स को दिखाया गया जो आर्सेनिक से संदूषित भूमिगत जल से लेकर ग्रामीण पॉलिनेशन और लास्ट-माइल डायग्नॉस्टिक्स तक भारत की कुछ सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इन स्टार्टअप्स ने निवेशकों और मेंटर्स के पैनल के सामने पिचिंग की, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रणव अदाणी; रोज़ाना के सह-संस्थापक एवं सीईओ अंकुर दहिया; वेंचर कैटेलिस्ट्स के सह-संस्थापक एवं प्रेज़ीडेंट डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा; केडिया एडवाइजरी के संस्थापक एवं डायरेक्टर विजय केडिया; और टेट्र कॉलेज ऑफ बिजनेस एंड मास्टर्स यूनियन के संस्थापक प्रथम मित्तल शामिल थे।
एपिसोड 3 (जिसका प्रसारण 4 सितंबर को हुआ)ः नवमार्ग, जन नीति और प्लेंटी
नवमार्ग रिसर्च एंड इनोवेशन, दो भाईयों द्वारा मात्र बीस साल की उम्र में शुरू किया गया बिहार का एक डीप-टेक वॉटर स्टार्टअप है। उन्होंने एक पेटेंटेड मैग्नेटिक-सेपरेशन सिस्टम ड।त्न् पेश किया, जो बिना किसी रसायन के पीने के पानी से आर्सेनिक को हटा देता है। यह स्टार्टअप पहले से फील्ड डिप्लॉयमेंट में 3.19 मिलियन लीटर से ज़्यादा पानी को साफ़ कर चुका है। प्रणव अदाणी ने वंदे विंग्स के ज़रिए अदाणी ग्रुप के साथ इन-हाउस मेंटरशिप दी, जबकि अंकुर दहिया ने रोज़ाना नेटवर्क का इस्तेमाल करके गंगा के मैदानों में टेक्नोलॉजी को लागू करने में मदद की पेशकश की।
जन नीति, आईआईटी कानपुर और स्टैनफोर्ड के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित हरियाणा का एआई पॉलिसी-सिमुलेशन प्लेटफॉर्म है। जो इम्प्लीमेंटेशन से पहले सरकार और कंपनियों के फैसलों के सामाजिक-आर्थिक परिणामों का मॉडल बनाता है। प्रणव अदाणी ने वंदे विंग्स को अदाणी ग्रुप के नेतृत्व वाले धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में लागू करते हुए पायलट प्रोजेक्ट के लिए सपोर्ट देने की पेशकश की; अंकुर दहिया ने एक स्ट्रेटेजिक मेंटरशिप एवं पार्टनरशिप की पेशकश रखी और वर्तमान में चल रहे निवेश राउंड में हिस्सा लेने में भी दिलचस्पी दिखाई।
प्लेंटी, केरल का एक हाइपरलोकल सरप्लस-फूड मार्केटप्लेस है, जो आठ महीनों में बारह गुना बढ़ गया है। यह रेस्टोरेंट को बिना बिका खाना डिस्काउंटेड मील के रूप में बेचने की सुविधा देता है। डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने आगे की बातचीत के लिए ऑफलाइन जुड़ने की पेशकश की।
एपिसोड 4 (5 सितंबर को प्रसारित हुआ): धारक्षा इकोसॉल्यूशंस, हम्बल बी और भौम्या इनोवेशन्स
हम्बल बी, उत्तर प्रदेश का एक उद्यम है, जो अपने एआई-इनेबल्ड ठम्म्ज्ञप्छक् प्लेटफॉर्म के ज़रिए ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं को जलवायु अनुकूल मधुमक्खी पालन एंटरप्राइज के मालिक के रूप में मजबूती देता है। प्रणव अदाणी ने वंदे विंग्स अवॉर्ड के ज़रिए अदाणी ग्रुप की मेंटरशिप को बढ़ाया, साथ ही अदाणी के सेब के खेतों में काम करने का मौका और अदाणी एयरपोर्ट्स पर प्लग-इन के मौके दिए; अंकुर दहिया ने रोज़ाना नेटवर्क के ज़रिए ग्रामीण कनेक्शन में मदद की पेशकश की, जबकि डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने रु 5 करोड़ के निवेश की पेशकश की, जिसकी वैल्यूएशन पर बाद में बात होगी।
भौम्या इनोवेशन्स, तेलंगाना का एक एग्री-हार्डवेयर स्टार्टअप है जो भारत के पहले पेटेंटेड ट्रैक्टर-माउंटेड स्टोन कलेक्टर त्न्क्त्। के पीछे है। इस स्टार्टअप ने रु 2 करोड़ का निवेश हासिल किया, जिसे विजय केडिया और डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा के बीच बांटा गया, साथ ही दोनों से मेंटरशिप की गारंटी भी मिली। हरियाणा का स्टार्टअप, धारक्षा इकोसॉल्यूशंस, फसल के डंठल और मशरूम माइसीलियम से कम्पोस्टेबल पैकेजिंग बनाता है। यह डंठल जलाने और पेट्रोलियम-बेस्ड पैकेजिंग वेस्ट, दोनों को हल करता है। अंकुर दहिया ने पैकेजिंग के मौकों को एक्सप्लोर करने के लिए वंदे विंग्स प्रतिबद्धता और एक ऑफलाइन चर्चा के बारे में बताया; डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने भावी डील के मूल्यांकन के लिए ऑफलाइन कनेक्ट करने का ऑफर दिया।
एपिसोड 5 (6 सितंबर को दिखाया गया): थिंकरबेल लैब्स, प्राइमरी हेल्थटेक और जीवास्कोप
बिट्स पिलानी के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित कर्नाटक के एडटेक स्टार्टअप थिंकरबेल लैब्स ने एनी बनाया है, जो दुनिया का पहला सेल्फ-लर्निंग ब्रेल लिटरेसी डिवाइस है। प्रथम मित्तल ने थिंकरबेल लैब्स में सहयोग देने और कार्यालय का दौरा करने की प्रतिबद्धता दी। विजय केडिया, अंकुर दहिया और डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा, दोनों ने निवेश में दिलचस्पी दिखाई, अंकुर दहिया रोज़ाना नेटवर्क के ज़रिए ज़मीनी स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन में सपोर्ट भी दे रहे हैं और डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा अपनी इन्वेस्टमेंट कम्युनिटी में कनेक्शन दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप प्राइमरी हेल्थटेक ने मोबिलैब बनाया है, जिसे दुनिया का पहला एआई-पावर्ड “लैब इन सूटकेस” बताया गया है। इसे पहले से 15 राज्यों में 300 साइट्स पर लगाया जा चुका है, यह 30 मिनट में पैथोलॉजी परिणाम देता है। प्रथम मित्तल ने स्टार्टअप के बताए गए रु 100 करोड़ के मूल्यांकन पर रु 1 करोड़ देने की प्रतिबद्धता दी। अंकुर दहिया ने ज़मीनी स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन, प्रोडक्ट ट्रायल में सहयोग देने तथा साथियों से जुड़ने की पेशकश की, जबकि डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा ने मेंटरशिप का वादा किया।
पश्चिम बंगाल के एक स्टार्टअप, जीवास्कोप ने एक ऑफ़लाइन, एआई-पावर्ड ऑस्कल्टेशन डिवाइस बनाया है जो बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी के दिल, सांस और टीबी की बीमारियों की जांच करता है। प्रथम मित्तल ने दिल्ली में एक खास स्टॉल के साथ बायोटेक समिट में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
ये तीन एपिसोड इस सीज़न के खास स्टार्टअप्स की सूची को वॉटर-टेक, क्लाइमेट इनोवेशन, एग्री-हार्डवेयर, एडटेक और हेल्थटेक में और आगे ले जाते हैं, जो भारत और दुनिया भर से वंदे भारतम के 26,000 से ज़्यादा आवेदकों की बड़ी संख्या को दिखाते हैं। यह सीज़न 17 सितंबर को अपने ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रहा है, जहाँ विजेताओं को अदाणी ग्रुप के समर्थन से रु 2 करोड़ के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
