भोपाल : वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने परिसर में छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर चल रही चर्चाओं और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों पर कड़ा रुख अपनाया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी जो खबरें या आंकड़े विभिन्न माध्यमों में साझा किए जा रहे हैं, वे वास्तविकता से कोसों दूर और तथ्यात्मक रूप से भ्रामक हैं।
विश्वविद्यालय ने स्थिति को स्पष्ट करने के लिए स्वास्थ्य संबंधी सटीक डेटा सार्वजनिक किया है। संस्थान के रिकॉर्ड के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का विवरण इस प्रकार है:
- 22 अप्रैल 2026 तक: पिछले दस दिनों में एहतियातन कुल 8 छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिन्हें उपचार के बाद स्वस्थ पाकर डिस्चार्ज कर दिया गया।
- 23 अप्रैल (गुरुवार): 2 छात्रों को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया।
- 24 अप्रैल (शुक्रवार): 1 छात्र को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया।
- 25 अप्रैल (शनिवार): 2 छात्रों को चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जिन भी छात्रों को चिकित्सकीय सहायता के लिए भेजा गया था, उन्हें जांच के बाद छुट्टी दे दी गई है। ये सभी मामले सामान्य मौसमी बीमारियों से संबंधित थे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ये दावे संस्थान के आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते और पूरी तरह से निराधार हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से अवश्य करें। प्रबंधन के अनुसार, इस प्रकार की अपुष्ट जानकारी से न केवल अनावश्यक भ्रम पैदा होता है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों में चिंता की स्थिति भी उत्पन्न होती है।
विश्वविद्यालय ने पुनः दोहराया है कि परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। संस्थान ने दावा किया है कि यदि कोई भी छात्र अस्वस्थ महसूस करता है, तो उसे तुरंत प्राथमिक उपचार प्रदान किया जाता है और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श के लिए निकटस्थ अस्पतालों में भेजा जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों के लिए एक सुरक्षित, स्वस्थ और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है, और वे इसके लिए हर स्तर पर पूरी तरह सतर्क हैं।
