हर साल २१ सितंबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य अल्जाइमर रोग और डिमेंशिया (मनोभ्रंश) के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना और इससे जुड़े सामाजिक कलंक को कम करना है.अल्जाइमर रोग मस्तिष्क का एक गंभीर विकार है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त, सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है.
अल्जाइमर के शुरुआती लक्षण :-
इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है, ताकि सही समय पर डॉक्टर से संपर्क किया जा सके :
याददाश्त कमजोर होना : हाल ही की घटनाओं, तारीखों या बातचीत को भूल जाना.
कामों में उलझन : रोजमर्रा के जाने-पहचाने कामों (जैसे बिल चुकाना या रास्ता याद रखना) को करने में कठिनाई होना.
एक ही बात दोहराना : एक ही सवाल या बात को बार-बार पूछना.
नाम भूलना : जानी-पहचानी चीजों या लोगों के नाम याद करने में असमर्थता.
व्यवहार और मूड में बदलाव : बिना किसी खास कारण के अचानक चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन या भ्रम की स्थिति होना.
🧠 मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के उपाय :- चिकित्सकों और विशेषज्ञों के अनुसार, अपनी जीवनशैली में कुछ सुधार करके मस्तिष्क को सक्रिय रखा जा सकता है :
मानसिक व्यायाम : पहेलियाँ सुलझाना, नई भाषा सीखना, किताबें पढ़ना या कोई वाद्य यंत्र बजाना.पर्याप्त नींद: दिमाग की कोशिकाओं की मरम्मत और याददाश्त को मजबूत करने के लिए ७-८ घंटे की गहरी नींद जरूरी है.
संतुलित आहार : अपने भोजन में ओमेगा-३ फैटी एसिड, हरी सब्जियां और नट्स शामिल करें तथा जंक फूड से दूरी बनाएं.
शारीरिक रूप से सक्रिय रहना : नियमित वॉक, योग या व्यायाम करने से मस्तिष्क में रक्त का संचार बेहतर होता है.
