मुंबई : आधुनिक भारतीय घरों में फर्नीचर अब केवल सजावट की वस्तु नहीं, बल्कि यादें संजोने और रिश्तों को मजबूती देने का आधार बन गया है। ‘इंटीरियो बाय गोदरेज’ द्वारा दिल्ली, लखनऊ, मुंबई और बेंगलुरु सहित आठ प्रमुख शहरों में किए गए नवीनतम अध्ययन ‘मोमेंट्स दैट मैटर’ (MTM) में यह खुलासा हुआ है कि 71% भारतीयों के लिए उनका ‘लिविंग रूम’ घर का सबसे यादगार कोना है।
यह शोध गहराई से पड़ताल करता है कि कैसे घर और कार्यस्थल के दैनिक अनुभव भारतीयों के मानसिक स्वास्थ्य और आपसी जुड़ाव को नया स्वरूप दे रहे हैं।
लखनऊ का विशेष निष्कर्ष: रसोई अब ‘इमोशनल हब’
लखनऊ में किए गए अध्ययन के आंकड़े बेहद दिलचस्प हैं, जो दर्शाते हैं कि भोजन का समय परिवारों को जोड़ने वाली सबसे बड़ी कड़ी है:
- 92% उत्तरदाताओं का मानना है कि रात का भोजन वह समय है जब पूरा परिवार सबसे ज्यादा आत्मीयता के साथ एकजुट होता है।
- 90% लोगों के अनुसार, सप्ताहांत पर बच्चों के साथ मिलकर खाना बनाना रिश्तों को जीवंत रखने का एक जरिया है।
- 65% लोगों ने अकेले खाना पकाने (Cooking) को मानसिक सुकून और आत्मिक संतुलन (Therapeutic) देने वाला अनुभव बताया।
बेडरूम और बालकनी: सुकून के नए ठिकाने
अध्ययन स्पष्ट करता है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में घर अब एक ‘इमोशनल एंकर’ बन चुके हैं:
- नींद और सुरक्षा: 90% लोगों ने बेडरूम को ताजगी और विश्राम से जोड़ा है, वहीं 54% के लिए दुनिया का सबसे सुखद पल ‘अपने बिस्तर पर सोना’ है।
- बालकनी का जादू: हर चार में से तीन भारतीयों के लिए बालकनी शहर के शोर के बीच एक शांत ठिकाना है। 53% लोग मानते हैं कि बालकनी में बिताए सुबह के पल उन्हें दिनभर के लिए सकारात्मक ऊर्जा देते हैं।
कार्यस्थल: केवल काम नहीं, रिश्तों का केंद्र
रिपोर्ट ने ऑफिस कल्चर के मानवीय पहलुओं पर भी प्रकाश डाला है:
- अनौपचारिक जुड़ाव: कैफे ब्रेक, साझा लंच और सहकर्मियों के साथ अनौपचारिक बातचीत ही टीमों के बीच भरोसे और तालमेल की असली नींव रखते हैं।
- डिजाइन का महत्व: सुव्यवस्थित ऑफिस डिजाइन और जॉइनिंग के पहले दिन का स्वागतपूर्ण अनुभव कर्मचारियों में आत्मविश्वास और प्रेरणा जगाता है।
नेतृत्व का दृष्टिकोण
डॉ. देव नारायण सरकार (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड – B2C, इंटरियो बाय गोदरेज) ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा:
“यह अध्ययन भारतीयों और उनके परिवेश के बीच बदलते रिश्तों को समझने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आज घर और दफ्तर भौतिक स्थान से कहीं अधिक मानसिक सुकून और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति के केंद्र बन गए हैं। हमारा लक्ष्य ऐसा फर्नीचर बनाना है जो इन अनमोल क्षणों को और भी खास बना सके।”
